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Shimla News: ऋण न चुकाने वाले दोषी को 1 साल कैद
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2.60 लाख मुआवजा देने के आदेश
न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग ने सुनाया फैसला
हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम से लिया था ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में सिरमौर के सुनील मोहम्मद को दोषी करार देते हुए एक साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 2.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी ने निगम से 2 लाख रुपये का ऋण लिया था।
यह मामला हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम कसुम्पटी का है। दरअसल फरवरी 2022 को नाहन तहसील के सुनील मोहम्मद ने निगम से ऋण लिया था। आरोपी को 5 वर्ष की अवधि में ऋण को 60 समान किश्तों में चुकाया जाना था। ऋण के वितरण के बाद आरोपी ऋण राशि चुकाने में विफल रहा। 31 जनवरी 2022 को आरोपी ने ऋण खाता बंद करने पर सहमति व्यक्त की और ऋण खाते की संतुष्टि के लिए 1,90,967 लाख रुपये का चेक जारी किया। खाते में धन अपर्याप्त होने के कारण केनरा बैंक से चेक बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी को राशि के भुगतान करने के लिए कानूनी नोटिस भी जारी किया गया। निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने प्रथम श्रेणी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष केस दायर किया था। न्यायालय में केस के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी को 2.60 रुपये का एकमुश्त मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग ने सुनाया फैसला
हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम से लिया था ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में सिरमौर के सुनील मोहम्मद को दोषी करार देते हुए एक साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 2.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी ने निगम से 2 लाख रुपये का ऋण लिया था।
यह मामला हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम कसुम्पटी का है। दरअसल फरवरी 2022 को नाहन तहसील के सुनील मोहम्मद ने निगम से ऋण लिया था। आरोपी को 5 वर्ष की अवधि में ऋण को 60 समान किश्तों में चुकाया जाना था। ऋण के वितरण के बाद आरोपी ऋण राशि चुकाने में विफल रहा। 31 जनवरी 2022 को आरोपी ने ऋण खाता बंद करने पर सहमति व्यक्त की और ऋण खाते की संतुष्टि के लिए 1,90,967 लाख रुपये का चेक जारी किया। खाते में धन अपर्याप्त होने के कारण केनरा बैंक से चेक बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी को राशि के भुगतान करने के लिए कानूनी नोटिस भी जारी किया गया। निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने प्रथम श्रेणी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष केस दायर किया था। न्यायालय में केस के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी को 2.60 रुपये का एकमुश्त मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं।
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