पाइप लाइन बिछा रहे 15 मजदूरों को लगा करंट, एक ने तोड़ा दम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के जिला सिरमौर के विकास खंड शिलाई के अंतर्गत नाया गांव निवासी शिमला में मजदूरी करने गए एक व्यक्ति की चौपाल तहसील के घबास नाले में बिजली करंट लगने से मौत हो गई। जबकि उसका छोटा भाई शिलाई अस्पताल में उपचाराधीन है।
प्राप्त जानकारी अनुसार नाया गांव निवासी वीरेंद्र सिंह (28) अपने छोटे भाई रविंद्र को लेकर मजदूरी करने शिमला गया था। चौपाल तहसील के घबास नाले में प्लास्टिक की पाइप बिछा रहे 15 लोगों को अचानक बिजली का करंट लग गया।
प्लास्टिक पाइप के भीतर की तार बिजली तार से छू गई जिसमें अन्य लोग तो बच गए लेकिन नाया के वीरेंद्र की इसमें मौत हो गई। उसका छोटा भाई भी करंट की चपेट में आ गया जो शिलाई अस्पताल में उपचाराधीन है।
उधर नाया पंचायत प्रधान दीपचंद शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि वीरेंद्र सिंह का चौपाल में पोस्टमार्टम करवा लिया गया है। शनिवार को उसके गांव नाया में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
यहां फैक्ट्री में मृत मिला प्रवासी मजदूर
औद्योगिक क्षेत्र बरोहा में एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई। मौत के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। रतन सिंह पुत्र नेक चंद निवासी गुरगावां जिला बदायूं उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र बरोहा में सीमेंट की ईंटें बनाने की फैक्ट्री में काम करता था।
रतन सिंह कुछ समय से बीमार चल रहा था। शुक्रवार को फैक्ट्री से सभी मजदूर अपने घर चले गए। रतन चंद को उसके मालिक अनिल कुमार ने फैक्ट्री परिसर में ही कमरा दे रखा है। वह भी अपने कमरे में चला गया। शनिवार सुबह अनिल कुमार फैक्ट्री में पहुंचा तो रतन कुमार गिरा पड़ा था। जब उसने उसे उठाने की कोशिश की तो उसे मृत पाया।
इसकी सूचना उसने पुलिस को दी। पुलिस ने सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम कर मृतक का शव उसके परिजनों को सौंप दिया। थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार रत्न ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।