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Shimla News: ओपीडी में एक डॉक्टर, बाहर कतार में दर्द झेल रहे हैं मरीज
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डीडीयू अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में एक ही डॉक्टर, मरीजों को अपनी बारी के लिए करना पड़ रहा लंबा इंतजार
हर रोज तीन सौ से अधिक मरीज आ रहे उपचार करवाने
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में दस दिन से मेडिसिन ओपीडी एक ही चिकित्सक के सहारे चल रही है। इस कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। एक ही चिकित्सक होने से ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। ऐसे में मरीजों की बारी भी एक घंटे बाद आ रही है। लाइन में लगे मरीजों को बिना छत के धूप और बारिश में ही खड़े होना पड़ रहा है। इस कारण उनकी हालत और खराब हो रही है। पहले तो मरीज अपनी बीमारी को लेकर परेशान होते हैं। अस्पताल में लगने वाली लाइन में प्रांगण में बैठने की भी पर्याप्त व्यवस्था न होने से मरीजों को खड़े रहना पड़ता है। चिकित्सक न होने से लगातार दिक्कतें बढ़ रही है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ओपीडी के बाहर शुक्रवार को लंबी कतारें लगी रहीं। इसमें खांसी, जुकाम और बुखार यानी वायरल से ग्रसित मरीजों की संख्या ज्यादा थी।
अस्पताल में पुरानी भवन में मेडिसिन ओपीडी है। यहां पर मरीजों के बैठने और खड़े होने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ओपीडी में हर रोज करीब 300 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। वायरल से पीड़ित होने वाले मरीजों की जांच के बाद उन्हें टेस्ट लिखे जाते हैं। इसके बाद फिर वह ओपीडी में रिपोर्ट लेकर आते है और उसकी जांच की जाती है।
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कोट
अस्पताल में एक मेडिसिन चिकित्सक सेवा दे रहा है। भीड़ न लगे इसके लिए पीजी चिकित्सकों की ड्यूटी भी लगाई है। इससे जल्द उपचार की सुविधा लोगों को मिलेगी।
-डॉ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू जोनल अस्पताल शिमला
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हर रोज तीन सौ से अधिक मरीज आ रहे उपचार करवाने
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में दस दिन से मेडिसिन ओपीडी एक ही चिकित्सक के सहारे चल रही है। इस कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। एक ही चिकित्सक होने से ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। ऐसे में मरीजों की बारी भी एक घंटे बाद आ रही है। लाइन में लगे मरीजों को बिना छत के धूप और बारिश में ही खड़े होना पड़ रहा है। इस कारण उनकी हालत और खराब हो रही है। पहले तो मरीज अपनी बीमारी को लेकर परेशान होते हैं। अस्पताल में लगने वाली लाइन में प्रांगण में बैठने की भी पर्याप्त व्यवस्था न होने से मरीजों को खड़े रहना पड़ता है। चिकित्सक न होने से लगातार दिक्कतें बढ़ रही है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ओपीडी के बाहर शुक्रवार को लंबी कतारें लगी रहीं। इसमें खांसी, जुकाम और बुखार यानी वायरल से ग्रसित मरीजों की संख्या ज्यादा थी।
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अस्पताल में पुरानी भवन में मेडिसिन ओपीडी है। यहां पर मरीजों के बैठने और खड़े होने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ओपीडी में हर रोज करीब 300 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। वायरल से पीड़ित होने वाले मरीजों की जांच के बाद उन्हें टेस्ट लिखे जाते हैं। इसके बाद फिर वह ओपीडी में रिपोर्ट लेकर आते है और उसकी जांच की जाती है।
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कोट
अस्पताल में एक मेडिसिन चिकित्सक सेवा दे रहा है। भीड़ न लगे इसके लिए पीजी चिकित्सकों की ड्यूटी भी लगाई है। इससे जल्द उपचार की सुविधा लोगों को मिलेगी।
-डॉ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू जोनल अस्पताल शिमला