चुनाव हारने पर दोधी ने बंद कर दिया तीन परिवारों का दूध
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वार्ड पंच का चुनाव हारने के बाद एक दोधी ने पंचायत के तीन परिवारों का दूध बंद कर दिया। यह मामला ऊना की एक पंचायत का है। दोधी का मानना है कि उक्त परिवारों ने चुनाव में समर्थन नहीं दिया। परिणाम निकलने के बाद यह परिवार अगले दिन दूध की सप्लाई का इंतजार करते रहे, लेकिन दूधवाला नहीं आया। इस पर परिवार के सदस्य दोधी के पास पहुंच गए तो उसने साफ कर दिया कि अब दूध नहीं मिलेगा, कहीं और से व्यवस्था कर लो।
ऐसे में इन तीन परिवारों को दुकान से दूध मंगवाना पड़ा है और नए दोधी की तलाश भी इन्हें शुरू करनी पड़ी है। उपमंडल अंब की एक पंचायत में चुनाव नतीजों के बाद अजीब की स्थिति बन गई है। नतीजे विपरीत आने पर बिरादरी ने उस परिवार का सामूहिक बहिष्कार कर दिया है, जिसने उनके विरुद्ध प्रत्याशी उतारा था।
इन्हें पत्नी और अपना वोट ही मिला
मामला कुछ ऐसा था कि वार्ड पंच के चुनाव के लिए पहले तो एक बिरादरी में सहमति बन गयी थी, लेकिन इसी समुदाय के ही एक व्यक्ति ने दूसरी बिरादरी के उम्मीदवार को चुनाव के लिए खड़ा कर दिया और वह चुनाव जीत भी गया। जानकारी के मुताबिक ये दस भाई हैं, इनमें से नौ भाई एक तरफ हो गए और उन्होंने तथा उनकी बाकी शेष बिरादरी ने उसका सामूहिक त्याग कर दिया।
साथ ही उस परिवार से किसी भी तरह के संबंध रखने पर 5000 रुपए जुर्माना भी रख दिया है। पूरी बिरादरी ने अब फैसला किया है कि उक्त व्यक्ति से अब हर तरह का नाता तोड़ दिया जाएगा। इधर, एक शख्स ऐसे भी हैं जो पंचायत में उपप्रधानी के लिए खड़े हुए, लेकिन उन्हें महज दो ही वोट पड़े। क्षेत्र में चरचा है कि एक वोट उनका स्वयं का और दूसरा उनकी पत्नी ने डाला है।