छह माह से सचिवालय में अटकी ओलंपिक मेडल विजेता को नौकरी देने की फाइल, सीएम से मिले विजय
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ओलंपिक में रजत पदक विजेता रहे शूटर विजय कुमार सरकारी नौकरी के लिए सचिवालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वर्ष 2012 में लंदन ओलंपिक में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल प्रतियोगिता में रजत पदक विजेता रहे शूटर विजय कुमार को हिमाचल सरकार अभी तक राजपत्रित अधिकारी स्तर की नौकरी नहीं दे सकी है।
विश्व में हिमाचल का नाम रोशन करने वाले हमीरपुर निवासी विजय कुमार को नौकरी देने की फाइल बीते छह माह से सचिवालय की अफसरशाही के कमरों में ही घूम रही है।
शूटर विजय कुमार ने सोमवार को शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात भी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हमीरपुर की बड़सर तहसील के हरसौर गांव के कैप्टन (सेवानिवृत्त) विजय कुमार को सम्मानित किया।
सीएम से मिलकर विजय ने उठाई ये मांग
ओकओवर में हुई मुलाकात में विजय कुमार ने मुख्यमंत्री से अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी खिलाड़ियों को नौकरी देने का प्रावधान करने का आग्रह किया। कैप्टन विजय ने लंदन ओलंपिक में निशानेबाजी में रजत पदक हासिल किया था।
उन्होंने पद्मश्री, अति विशिष्ट सेवा मेडल और खेल श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार अर्जुन पुरस्कार के अतिरिक्त अन्य कई सम्मान प्राप्त किए हैं। बीते साल ही विजय सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद विजय कुमार ने हिमाचल सरकार से नौकरी मांगी लेकिन न तो पूर्व की कांग्रेस सरकार और न ही वर्तमान की जयराम सरकार इसको लेकर कोई फैसला ले सकी है।