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Shimla News: विवि में स्थायी कुलसचिव का पद रिक्त, कामकाज प्रभावित
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सरकार ने चार मार्च को किया था कुलसचिव का स्थानांतरण, अभी तक नहीं हो पाई है तैनाती
क्रॉसर
कर्मचारी नेताओं ने विवि से की तैैनाती की मांग
छात्रों की डिग्रियों पर समय पर नहीं हो रहे साइन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलसचिव के चार मार्च को हुए स्थानांतरण के बाद से विवि में स्थायी कुलसचिव की तैनाती नहीं हो पाई है। अभी तक विवि में पुराने कुलसचिव ही कामकाज देख रहे हैं।
स्थायी कुलसचिव न होने से विवि का रूटीन का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। इससे पेश आ रही समस्याओं को लेकर विवि कोर्ट सदस्य सुरेश कुमार और कार्यकारिणी परिषद सदस्य सुनील दत्त की अगुवाई में कर्मचारी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने विवि के प्रति कुलपति से मुलाकात की। उन्होंने प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा के माध्यम से प्रदेश सरकार को मांगपत्र सौंपा और विवि में स्थायी कुलसचिव की तैनाती करने की मांग की।
विश्वविद्यालय में तैनात स्थायी कुलसचिव वीरेंद्र शर्मा का स्थानांतरण 4 मार्च को प्रदेश सरकार ने दूसरे विभाग में कर दिया है। स्थानांतरण के बाद 25 दिन बीत जाने पर भी विवि में कुलसचिव के पद पर किसी की तैनाती नहीं हुई है। ईसी और कोर्ट सदस्यों ने कहा कि स्थायी कुलसचिव न होने से विश्वविद्यालय की पूरी कार्यप्रणाली चरमरा गई है। छात्रों की डिग्रियों पर साइन करने के साथ ही अन्य रूटीन की फाइलें समय से साइन नहीं हो पा रहीं। साथ ही 31 मार्च के वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से विश्वविद्यालय में बिना देरी किए स्थायी कुलपति एवं स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति करने की मांग की है। उन्होंने प्रतिकुलपति से आग्रह किया है कि जब तक प्रदेश सरकार द्वारा कुलसचिव की नियुक्ति के आदेश नहीं किए जाते तब तक विश्वविद्यालय के ही किसी वरिष्ठ अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाए। प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारिणी परिषद एवं कोर्ट सदस्य के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी संघ के महासचिव नरेश कुमार शर्मा, संगठन सचिव देवी चंद ठाकुर, गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष ललित चौहान एवं संयुक्त सचिव मोहन लाल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चांदी राम, संगठन सचिव राकेश कुमार, पूर्व कोर्ट सदस्य देवेंद्र कुमार और रामलाल शामिल रहे।
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कर्मचारी नेताओं ने विवि से की तैैनाती की मांग
छात्रों की डिग्रियों पर समय पर नहीं हो रहे साइन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलसचिव के चार मार्च को हुए स्थानांतरण के बाद से विवि में स्थायी कुलसचिव की तैनाती नहीं हो पाई है। अभी तक विवि में पुराने कुलसचिव ही कामकाज देख रहे हैं।
स्थायी कुलसचिव न होने से विवि का रूटीन का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। इससे पेश आ रही समस्याओं को लेकर विवि कोर्ट सदस्य सुरेश कुमार और कार्यकारिणी परिषद सदस्य सुनील दत्त की अगुवाई में कर्मचारी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने विवि के प्रति कुलपति से मुलाकात की। उन्होंने प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा के माध्यम से प्रदेश सरकार को मांगपत्र सौंपा और विवि में स्थायी कुलसचिव की तैनाती करने की मांग की।
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विश्वविद्यालय में तैनात स्थायी कुलसचिव वीरेंद्र शर्मा का स्थानांतरण 4 मार्च को प्रदेश सरकार ने दूसरे विभाग में कर दिया है। स्थानांतरण के बाद 25 दिन बीत जाने पर भी विवि में कुलसचिव के पद पर किसी की तैनाती नहीं हुई है। ईसी और कोर्ट सदस्यों ने कहा कि स्थायी कुलसचिव न होने से विश्वविद्यालय की पूरी कार्यप्रणाली चरमरा गई है। छात्रों की डिग्रियों पर साइन करने के साथ ही अन्य रूटीन की फाइलें समय से साइन नहीं हो पा रहीं। साथ ही 31 मार्च के वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग से संबंधित कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से विश्वविद्यालय में बिना देरी किए स्थायी कुलपति एवं स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति करने की मांग की है। उन्होंने प्रतिकुलपति से आग्रह किया है कि जब तक प्रदेश सरकार द्वारा कुलसचिव की नियुक्ति के आदेश नहीं किए जाते तब तक विश्वविद्यालय के ही किसी वरिष्ठ अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाए। प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारिणी परिषद एवं कोर्ट सदस्य के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी संघ के महासचिव नरेश कुमार शर्मा, संगठन सचिव देवी चंद ठाकुर, गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष ललित चौहान एवं संयुक्त सचिव मोहन लाल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चांदी राम, संगठन सचिव राकेश कुमार, पूर्व कोर्ट सदस्य देवेंद्र कुमार और रामलाल शामिल रहे।