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मानसून सत्रः शिक्षण संस्थानों में ओबीसी आरक्षण की एकरूपता पर होगा विचार

Thu, 30 Aug 2018 10:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 30 Aug 2018 10:38 AM IST
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OBC reservation on the basis of population in  hp educational institutions

हिमाचल के उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी विद्यार्थियों को जनसंख्या के आधार पर आरक्षण देने के लिए सरकार एकरूपता पर विचार कर रही है। इसके लिए नीति में बदलाव करने की तैयारी है।

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शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को भेजा है। यहां से प्रारूप तैयार होने के बाद सरकार का जो आदेश होगा, शिक्षा विभाग इसे लागू करेगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विधायक रमेश धवाला की ओर से पूछे प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत ओबीसी छात्रों को एडमिशन से लेकर नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाएगी। भारद्वाज ने कहा कि अभी प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में ओबीसी छात्रों को आरक्षण व्यवस्था अलग-अलग हैं।
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एचपीयू में कुछेक कोर्सेज में 15 फ ीसदी, तकनीकी विवि में 18 फ ीसदी, जबकि केंद्रीय विवि में 27 फ ीसदी आरक्षण है और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में यह आरक्षण 27 फ ीसदी है।

ओबीसी प्रजाति लुप्त होने पर सदन में लगे ठहाके

OBC reservation on the basis of population in  hp educational institutions

विधायक रमेश धवाला ने अपने प्रश्न में कहा कि ओबीसी प्रजाति विलुप्त हो रही है। ऐसा कहने पर सदन में सत्ता और विपक्ष ने खूब ठहाके लगाए। उन्होंने कहा कि ओबीसी से नर्सें और मास्टर तो बन रहे हैं, लेकिन डाक्टर नहीं बन पा रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस प्रजाति को विलुप्त नहीं होने देंगे।

धवाला ने कहा कि केंद्र का नियम है कि बोर्ड, निगम और आयोग जो भी साक्षात्कार लेता है उसमें 10 से ज्यादा छात्र हों तो ओबीसी वर्ग से संबंधित अधिकारी को इंटरव्यू बोर्ड के पैनल में बिठाया जाता है। उन्होंने इस व्यवस्था को हिमाचल में भी लागू करने की मांग उठाई। 

कहां कितना आरक्षण

OBC reservation on the basis of population in  hp educational institutions



- तकनीकी विवि 18 फ ीसदी
- एचपीयू बीएड 15 फ ीसदी
- पालमपुर विवि  1-1 सीट यूजी कोर्सेज में
- नौणी विवि    1-1 सीट यूजी कोर्सेज में
- सीयू         27 फीसदी
- आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, आईआईएम में 27 फीसदी
- आईजीएमसी   4 सीटें
- टांडा     2
- नाहन, मंडी, चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में 2-2 सीटें रिजर्व रखी हैं
- एमएमयू में 8 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित हैं।





 

कमीशन, निगम व बोर्ड में तैनात हो ओबीसी अधिकारी

OBC reservation on the basis of population in  hp educational institutions

विधायक रमेश धवाला ने कहा कि केंद्र सरकार का नियम है कि बोर्ड, निगम और आयोग जो भी साक्षात्कार लेता है उसमें 10 से ज्यादा छात्र हो तो ओबीसी वर्ग से संबंधित अधिकारी को इंटरव्यू बोर्ड के पैनल में बिठाया जाता है।

उन्होंने इस व्यवस्था को हिमाचल में भी लागू करने की मांग उठाई। विधायक सुखविद्र सिंह सुक्खू ने मेडिकल कालेजों में ओबीसी छात्रों को आरक्षण देने का मुददा उठाया। पावंटा साहिब के विधायक सुखराम ने भी अनुपूरक सवाल पूछा।

तीन जिलों के डाइट में बिना एमएड, बीएड प्रवक्ता नियुक्त

OBC reservation on the basis of population in  hp educational institutions

 प्रदेश के तीन जिलों किन्नौर, कुल्लू और लाहौल स्पीति के डाइट में एमएड और बीएड न करने वाले प्रवक्ता भी नियुक्त हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी के सवाल पर यह जानकारी लिखित में दी।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिला किन्नौर में प्रवक्ता भौतिकी सीजे नेगी नॉन बीएड हैं। प्रवक्ता शिक्षा राजकुमार नेगी बीएड तो हैं लेकिन ये प्रवक्ता शिक्षा के पद पर कार्यरत हैं जिसके लिए एमएड अनिवार्य है।

जिला कुल्लू में प्रवक्ता मनोविज्ञान अजय कुमार नॉन बीएड हैं। जिला लाहौल स्पीति में प्रवक्ता अर्थशास्त्र अशोक कुमार भी नॉन बीएड हैं। उन्होंने बताया कि डाइट्स में प्रवक्ता के पद पर नियुक्ति के लिए पात्रता एमएड या बीएड अनिवार्य है।

डाइट नियमों के तहत कुछ पदों के लिए एमएड या बीएड अनिवार्य नहीं है जैसे प्रवक्ता वर्क एक्सपीरियंस, प्रवक्ता कंप्यूटर, प्रवक्ता फाइन आर्ट्स, संगीत, प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा और योग अध्यापक। 

बीबीएमबी की परियोजनाओं में हिमाचल की हिस्सेदारी को बैठकें जारी 

OBC reservation on the basis of population in  hp educational institutions

 ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने कहा है कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की परियोजनाओं में हिमाचल की हिस्सेदारी का मामला प्रगति पर है। 24 जुलाई को अटार्नी जनरल के कार्यालय में तीन राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के प्रतिनिधियों की बैठक हुई है।

बुधवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने इससे संबंधित प्रश्न पूछा था। ऊर्जा मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि हिमाचल को 7.19 प्रतिशत की हिस्सेदारी एक नवंबर 2011 से मिलना शुरू हो गई है। इससे पहले की अवधि तक संबंधित विद्युत बकाया का निपटारा अभी भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। 

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