'पांच साल में अच्छे दिन न आए तो कर देना मोदी सरकार की छुट्टी'
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26 मई को केंद्र में मोदी सरकार बनी और 27 मई से सरकार का विरोध शुरू हो गया। अच्छे दिनों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यकीनन, अच्छे दिन आए हैं। सरकार खुद को साबित कर सके, इसका मौका तो दिया जाना चाहिए।
कुछ लोग हैं, जो अच्छे दिन देखना नहीं चाहते। जो अच्छी चीजें हो रही हैं, उसे न मीडिया दिखाता है, न राजनीतिक दल उसकी बात करते हैं। हां, पांच साल बाद अगर लगे कि अच्छे दिन नहीं आए तो मोदी सरकार को निकाल बाहर कीजिए।
प्रधानमंत्री मोदी खुद अपने भाषणों में यह बात कह चुके हैं। मंगलवार को ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत के दौरान अभिनेता अनुपम खेर ने यह बात कही। अनुपम खेर गेयटी थियेटर में चल रहे मनोहर सिंह स्मृति नाट्योत्सव में भाग लेने शिमला पहुंचे हैं।
हिंदुत्व के सवाल पर भी बोले अनुपम
यह पूछने पर कि हिंदुत्व को लेकर वह दो साल के भीतर इतने मुखर क्यों हो गए हैं? इस पर अनुपम ने कहा कि वह हिंदुत्व को लेकर नहीं, देश प्रेम को लेकर मुखर हुए हैं। और यह बेहद जरूरी भी है। सभी को देश प्रेम को लेकर मुखर होना चाहिए।
पहले सोशल मीडिया नहीं था। लोगों के पास विचारों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम नहीं था। आज अपनी बात सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक आसानी से पहुंचाई जा सकती है। मैं भी यही करता हूं।
रिज पर तिरंगा देख कर शिमला के लोगों का सिर भी गर्व से ऊंचा हो जाता होगा। बस मुझे भी ऐसा ही लगता है। यह पूछने पर कि क्या निकट भविष्य में राजनीति में आने का इरादा है? अनुपम ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई इरादा नहीं है, अभी अपने काम में व्यस्त हूं।
सोनिया देश की बात कर सकती हैं तो मैं कश्मीर की क्यों नहीं?
इटली में पैदा होकर सोनिया गांधी हिंदुस्तान में कांग्रेस की अध्यक्ष बन सकती हैं। देश के मुद्दों पर और मोदी सरकार पर बात कर सकती हैं तो में शिमला में पैदा होकर, हिंदुस्तानी होकर, कश्मीरी पंडित होकर कश्मीर के बारे में बात क्यों नहीं कर सकता।
देश में एक ऐसा तबका है, जिसे मोदी सरकार के पिछले दो साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का कोई मुद्दा नहीं मिला। पीएम 18 घंटे काम कर रहे हैं। देश में बहुत से सुधार हुए हैं। देश के एक तबके को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा। ऐसे में यह तबका डिग्री का मुद्दा उठा रहा है।
शिमला में पिता जी को मिस कर रहा हूं
अनुपम खेर ने कहा कि शिमला से उनका भावनात्मक रिश्ता रहा है। जब भी शिमला आता था पिता जी हमेशा नजर आते थे। इस बार वह मुझे नहीं मिल रहे। शिमला के जो लोग मिलते हैं, कहते हैं आपके पिता जी बड़े मजेदार आदमी थे। बडे़ सीधे इनसान थे। मंगलवार का शो मैं पिता जी की याद में करने वाला हूं। अनुपम ने कहा कि शिमला में घर बनाना उनका सपना है।
फिल्म सिटी खोलना चाहता हूं पर सरकारें गंभीर जवाब नहीं देती
शिमला में फिल्म सिटी और फिल्म एकेडमी खोलने का प्रस्ताव पिछले 15 साल से विभिन्न सरकारों को दे रहा हूं, लेकिन अभी तक किसी भी सरकार ने गंभीर जवाब नहीं दिया। देश के कई राज्यों ने मेरे प्रस्तावों को गंभीरता से लिया। झारखंड में तो फिल्म सिटी का काम अंतिम चरण में है।