अब दिव्यांगों की कैंटीन से जाएगी विभागों को चाय
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पूरी तरह दिव्यांगों द्वारा संचालित डीसी ऑफिस की कैंटीन पहल की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है। अब डीसी ऑफिस समेत मिनी सचिवालय में संचालित अन्य विभागों की बैठकों के लिए चाय आदि का आर्डर अब पहल को ही दिया जाएगा।
अमर उजाला ने 18 अप्रैल 2018 को ‘ऊना में हौसलों से उड़ान भर रहे छह दिव्यांग युवक’ शीर्षक से इन युवाओं की संघर्ष गाथा को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर के प्रकाशित होने के बाद उपायुक्त ने संज्ञान लिया है।
उपायुक्त विकास लाबरू ने सर्कुलर जारी करते हुए सभी विभागों के प्रमुखों से पहल कैंटीन को आर्डर देेने की अपील की है। उपायुक्त ने कहा कि यह कैंटीन उपायुक्त कार्यालय की ही एक विशेष पहल है।
दिव्यांगों को मुहैया कराया है ये सामान
इससे पूर्व प्रशासन ने अपने स्तर पर इस कैंटीन के लिए भवन निर्माण करने के बाद एकमुश्त जरूरत का सामान दिव्यांगों को मुहैया कराया है। इसमें खाना पकाने आदि के उपकरणों के अलावा क्राकरी व अन्य बर्तन समेत फ्रिज और खाद्य सामग्री आदि शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस कैंटीन के संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। पहल कैंटीन में काम कर रहे दिव्यांगजन कुफरी स्थित होटल मैनेजमेंट संस्थान से प्रशिक्षित हैं। उनके द्वारा बनाए गए उत्पाद गुणवत्ता से भरपूर हैं।
पहल कैंटीन में सात रुपये की दर से मसाला चाय का एक कप मुहैया कराया जा रहा है जबकि बाजार में साधारण चाय का एक कप 10 रुपये की दर से उपलब्ध होता है। कैंटीन में चाय के अलावा समोसा, ब्रेड पकौड़ा और अन्य उत्पाद भी उपलब्ध हैं।
ऊना स्थित नेशनल कॅरियर सर्विस सेंटर में ऐसे दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो या तो नौकरी करना चाहते हैं या कोई स्वरोजगार अपनाना चाहते हैं। इसी कड़ी में एनसीएसई ने इन युवकों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया। इसके बाद उपायुक्त की ओर से उन्हें कैंटीन मुहैया कराई गई।