मोबाइल एप लॉन्च, अब फाइलों में गुम नहीं होंगी जन समस्याएं
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आम जनता की ओर से सरकारी विभागों के पास दर्ज करवाई गई जन समस्याएं अब फाइलों में गुम नहीं रहेंगी। केंद्र सरकार ने शिकायत निवारण पोर्टल के लिए मोबाइल एप्लीकेशन लांच की है। अफसरशाही को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए यह पहल की है।
अफसरों को अब शिकायतों से जुड़ी हर कार्यवाही ऑनलाइन अपडेट करनी पड़ेगी। पत्रों से भेजी गई शिकायतें भी पोर्टल पर दर्शानी होंगी। योजना को सफलतापूर्वक चलाने के लिए मॉनीटरिंग और ऑपरेशनल डेस्क गठित किया गया है। इस डेस्क की हर शिकायत पर सीधी नजर रहेगी। हिमाचल सरकार ने सोमवार को केंद्र की योजना से अवगत करवाने के लिए सभी विभागों को पत्र जारी किया है।
पीजी पोर्टल पर त्वरित प्रतिक्रिया कोड
केंद्र के प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग के केंद्रीय कृत जन शिकायत निवारण व निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएमएस) पोर्टल के लिए मोबाइल एप्लीकेशन शुरू की गई है। पीजी पोर्टल पर एक त्वरित प्रतिक्रिया कोड दिया है। इसे स्मार्ट फोन पर स्कैन किया जा सकता है। स्मार्ट फोन से शिकायतों को सीधे सीपीजीआरएमएस पर भेजा जा सकता है।
प्रधानमंत्री की सोच की ओर बढ़े कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बताए गए एआरपी ऑफ गवर्नेंस की परिकल्पना को साकार करने की ओर यह एक और कदम है। इसमें ए का मतलब का जवाबदेही, आर का जिम्मेदारी और टी का मतलब पारदर्शिता है। इसका उद्देश्य है कि प्रशासन नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और उत्तरदायी हो।
बताएंगे कहां अटक गई शिकायत
मोबाइल ऐप से न केवल शिकायत दर्ज होगी, बल्कि इससे लोग शिकायतों के निपटान की स्थिति के बारे में भी जान सकेंगे। प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) शिकायतों का विश्लेषण भी करेगा।
शिकायत को संबंधित राज्य तक पहुंचाएंगे
शिकायतों की जांच के बाद प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग उचित कार्रवाई के लिए इसे संबंधित केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों के पास भेजेगा।