हिमाचल में अब मशीन से होगी वाहनों की पासिंग
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हिमाचल में अब मशीनों से वाहनों की पासिंग होगी। प्रदेश को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए परिवहन विभाग सोलन जिले के बद्दी में इंटरनेशनल सेंटर ऑटो मोटिव टेक्नॉलाजी केंद्र (आईसीएटी) खोलने जा रहा है।
भारत सरकार ने इसके लिए अंतिम मंजूरी दे दी है। इसके निर्माण पर 16.35 करोड़ की राशि खर्च होगी। सरकार को इसमें 3.65 करोड़ की राशि वहन करनी होगी। अब परिवहन विभाग, आईसीएटी और केंद्र सरकार के बीच एग्रीमेंट साइन होना है।
इंटरनेशनल सेंटर ऑटोमोटिव टेक्नॉलाजी केंद्र को स्थापित करने की हरियाणा मानेसर एजेंसी होगी। प्रदेश में अभी मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) वाहनों की पासिंग करता है।
नियंत्रण में होगा वायु प्रदूषण
इसमें एमवीआई गाड़ियों के कागजात, प्रदूषण, कितनी धुआं छोड़ती है, गाड़ी किस कंडीशन में है, यही नहीं एमवीआई खुद गाड़ी चलाकर जांच लेता है, लेकिन अब सारा काम मशीन के माध्यम से होगा।
गाड़ी मशीन के भीतर जाएगी। जो कार्य एमवीआई के हाथों से होता है वह अब मशीन करेगी। गाड़ी को पास या फिर रिजेक्ट करना किसी के हाथ में नहीं होगा। अतिरिक्त आयुक्त सुनील शर्मा ने बताया कि अब मैनुअली नहीं, बल्कि मशीन से गाड़ियों की पासिंग होगी।
हिमाचल को प्रदूषण मुक्त करने के लिए आईसीएटी केंद्र को स्थापित किया जा रहा है। परिवहन विभाग की इस पहले से हिमाचल में वायु प्रदूषण नियंत्रण में होगा। सड़कों पर वही वाहन चलेंगे जो मानकों पर सही पाए जाएंगे।
इसलिए चूना गया बद्दी
परिवहन विभाग ने बद्दी स्थान को इसलिए चुना है, क्योंकि यह इंडस्ट्रियल एरिया है। इस क्षेत्र में ज्यादातर वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में यहां ज्यादा प्रदूषण होने की संभावना होती है।