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Shimla News: अब आईआईटी की लैब में शोध करेंगे एचपीयू के छात्र

Tue, 26 May 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2026 11:59 PM IST
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Now HPU students will do research in IIT labs
विवि ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के साथ किए समझौते पत्र पर हस्ताक्षर
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राष्ट्रीय वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन से बनेंगी हाईटेक लैब
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में अब शोध का ढांचा पूरी तरह बदलने की तैयारी है। विवि ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और सीएसआईआर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान के साथ हुए समझौते के बाद पांच रिसर्च सेंटरों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
केंद्रों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी जिनके निर्माण और रिसर्च ढांचे को तैयार करने में आईआईटी तथा सीएसआईआर के वैज्ञानिक तकनीकी मार्गदर्शन देंगे। समझौते का सबसे बड़ा असर एचपीयू के छात्रों और शोधार्थियों पर देखने को मिलेगा। अब विश्वविद्यालय के विद्यार्थी आईआईटी रुड़की और सीएसआईआर-सीबीआरआई की उन्नत प्रयोगशालाओं में जाकर रिसर्च प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट कार्य कर सकेंगे। इसके साथ ही छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ समय-समय पर शिमला आकर एचपीयू के शोध केंद्रों में रिसर्च गतिविधियों को दिशा देंगे। विवि कुलपति महावीर सिंह के अनुसार इन रिसर्च सेंटरों में आपदा प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हरित ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और हिमालयी क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों पर काम होगा। खास तौर पर भूस्खलन, भूकंप, पहाड़ी ढांचों की सुरक्षा और जलवायु संकट जैसे विषयों पर तकनीकी समाधान विकसित करने पर जोर रहेगा।
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समझौते पर एचपीयू के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर केके पंत और सीएसआईआर-सीबीआरआई के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार रामंचर्ला ने हस्ताक्षर किए। बैठक में संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम, बहुविषयक शोध परियोजनाएं और हिमालयी राज्यों के लिए वैज्ञानिक समाधान तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। एचपीयू का हिमालयन सेंटर फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड रेजिलिएंस इस सहयोग का प्रमुख केंद्र रहेगा। विश्वविद्यालय के अन्य शोध केंद्रों को भी राष्ट्रीय संस्थानों के साथ जोड़ा जाएगा। एचपीयू प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी रुड़की और सीएसआईआर-सीबीआरआई की अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं का दौरा भी किया।
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