राजनीति: जयराम ठाकुर बोले- कैग रिपोर्ट में बेनकाब हुआ सरकार का व्यवस्था परिवर्तन
विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन पेश हुई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट को लेकर नेता विपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार के खिलाफ हमलावर हो गए हैं।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन पेश हुई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट को लेकर नेता विपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार के खिलाफ हमलावर हो गए हैं। शुक्रवार को जारी बयान में जयराम ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट ने सरकार के कथित व्यवस्था परिवर्तन की वास्तविकता को उजागर कर दिया है और आने वाले समय में इस मॉडल का पूरा नकाब उतर जाएगा। जयराम ने कहा कि कैग की ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय कुप्रबंधन, प्रशासनिक अनियमितताओं और सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार के कई गंभीर मामले सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टेंडरिंग से लेकर सरकारी खरीद और कर वसूली तक, लगभग हर क्षेत्र में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। इन खामियों का सीधा नुकसान प्रदेश के राजस्व को हुआ है, जिसका जवाब सरकार को जनता के सामने देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का लाभ कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित होकर रह गया है, जबकि प्रदेश आर्थिक संकट और बढ़ते राजस्व घाटे से जूझ रहा है।
जयराम ने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार बिना बजटीय प्रावधान के करीब 438 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 673 करोड़ रुपये की योजनाओं के लिए प्रावधान तो किए गए लेकिन व्यय नहीं हुआ। यह वित्तीय प्रबंधन की गंभीर विफलता का उदाहरण है। नेता विपक्ष ने ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली में सामने आई अनियमितताओं को सबसे बड़ा मामला बताते हुए कहा कि रिपोर्ट में एक ही आईपी एड्रेस, यहां तक कि विभागीय आईपी एड्रेस से भी टेंडर बोलियां भरने के तथ्य सामने आए हैं।
साथ ही विभिन्न बोलियों के बीच बेहद मामूली अंतर पाया गया है, जो विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत की ओर संकेत करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि विभागों के कार्यालयों में बैठकर विभागीय संसाधनों का उपयोग कर ई-टेंडर भरने और हासिल करने की अनुमति किसके निर्देश और संरक्षण में दी जा रही थी। उन्होंने हाल ही में उच्च न्यायालय की ओर से सरकार की एक प्रमुख नियुक्ति को निरस्त कर पात्र व्यक्ति की नियुक्ति के आदेश का भी स्वागत किया। जयराम ने कहा कि न्यायालय का फैसला इस बात का प्रमाण है कि सरकार द्वारा की जा रही कई नियुक्तियां कानूनी कसौटी पर खरी नहीं उतर रही हैं।
भाजपा ने परिवहन, देव समाज और बुनकर प्रकोष्ठ में की नई नियुक्तियां
प्रदेश भाजपा ने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में परिवहन प्रकोष्ठ, देव समाज प्रकोष्ठ और बुनकर प्रकोष्ठ में प्रदेश सह संयोजकों एवं जिला संयोजकों की नियुक्तियां की हैं। भाजपा परिवहन प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक मनोज कुमार राणा ने प्रदेश सह संयोजक के रूप में रमेश कमल, संजय ठाकुर और महेंद्र मनकोटिया की नियुक्ति की है। भाजपा देव समाज प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रेम प्रसाद पंडित ने प्रदेश सह संयोजक के रूप में मीना शर्मा, प्रकाश बंसल और मकर ध्वज को जिम्मेदारी सौंपी है।
इसके साथ ही जिला स्तर पर चंबा में सुधीर शर्मा, देहरा में विपु शर्मा, हमीरपुर में रजनीश शर्मा, कांगड़ा में संजीव गोस्वामी, कुल्लू में मोती राम शर्मा, किन्नौर में रणजीत नेगी, लाहौल-स्पीति में सतीश लाल शर्मा, महासू में विकास पालसरा, मंडी में कृष्ण वैद्य, नूरपुर में राम कुमार शर्मा, पालमपुर में परवेश शर्मा, शिमला में अशोक शर्मा, सोलन में लाज किशोर शर्मा, सुंदरनगर में चुड़ामणि शर्मा, सिरमौर में रणजीत जुब्बड और ऊना में मनोहर लाल को जिला संयोजक नियुक्त किया गया है। देव समाज प्रकोष्ठ की नई टीम प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति, परंपराओं और देव समाज से जुड़े विषयों को संगठनात्मक स्तर पर और मजबूती से आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। भाजपा बुनकर प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शिवचरण चौहान ने प्रदेश सह संयोजक के रूप में अनिल कल्हान, दाबा ठाकुर, जीवानंद ठाकुर और सुखराम को जिम्मेदारी दी है। मंडी जिला में लाल दास और किन्नौर जिला में विद्यासागर को जिला संयोजक नियुक्त किया गया है।