अब पहली कक्षा में भी पढ़नी होगी अंग्रेजी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब पहली कक्षा से अंग्रेजी विषय अनिवार्य तौर पर पढ़ाया जाएगा। वहीं, प्रदेश सरकार मिडिल स्कूलों में बच्चों की रुचि के अनुसार पंजाबी और उर्दू विषय पढ़ने का विकल्प भी दे सकती है।
रविवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नालदेहरा के टिक्कर मेले में जनसभा में कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में अब अंग्रेजी, हिंदी और गणित विषय को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
ऐसा इसलिए किया गया है ताकि प्रदेश के सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ न जाए। वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक परीक्षा के बजाय प्रदर्शन के आधार पर ग्रेडिंग करना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने की कई और घोषणाएं
मिडिल स्कूलों में बच्चों की दिलचस्पी और कम से कम 30 बच्चों का बैच होने पर पंजाबी और उर्दू विषय का विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है। मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय माध्यमिक पाठशाला टिक्कर को स्तरोन्नत कर उच्च पाठशाला तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला सौंथल को स्तरोन्नत कर माध्यमिक पाठशाला करने की भी घोषणा की।
गौसदन के लिए देंगे वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि लावारिस पशुओं खासकर गायों के संरक्षण को गौसदन खोलने के लिए प्रदेश सरकार वित्तीय सहायता देगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वेच्छा से बेसहारा पशुओं को आश्रय उपलब्ध करवाने के लिए आगे आएं।
सीएम ने कहा कि वे युवाओं को भी इस बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि गायों को लावारिस छोड़ना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उन्हें खुला छोड़ने के बजाय सेवा करनी चाहिए। इससे सड़कों और गलियों पर भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
देवता की नजराना राशि बढ़ाई
शिमला के नालदेहरा की नानल देवता समिति के नजराने में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बढ़ोतरी की है। उन्होंने नजराना राशि एक लाख रुपये करने की घोषणा की है। साथ ही टिक्कर मेला समिति को 25 हजार रुपये देने की घोषणा की।