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ठेकेदार को खुद करनी होगी सड़क की मरम्मत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 30 Jul 2014 10:39 AM IST
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केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार के सड़क मेंटेनेंस अवधि को तीन साल करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। केंद्र सरकार ने मेंटेनेंस अवधि 5 साल निर्धारित की है, लेकिन समय अवधि ज्यादा होने से ठेकेदार सड़कें बनाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
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प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है। अब ठेकेदारों को सड़क को तैयार करने के बाद पांच साल तक उसकी मरम्मत खुद ही करनी होगी।
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सूत्रों के मुताबिक अगर समय अवधि कम की जाए तो इससे सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं आएगा। सड़कें उखड़ जाएंगी और लोक निर्माण विभाग पर वित्तीय बोझ पडे़गा। पांच साल तक मेंटेनेंस अवधि होने से सड़कें ठीक बनेंगी। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार को मरम्मत अवधि कम करने का प्रस्ताव भेजा था लेकिन इसे नामंजूर कर दिया है।
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ठेकेदार जल्द बुलाएंगे बैठक
केंद्र के फैसले से प्रदेश कांट्रेक्टर एसोसिएशन भड़क गई है। एसोसिएशन के महासचिव सतीश कुमार बिज ने बताया कि शीघ्र ही एसोसिएशन की बैठक बुलाई जाएगी। लोक निर्माण विभाग की ओर से आमंत्रित किए जा रहे टेंडर का विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर मेंटेनेंस अवधि कम नहीं करनी है तो विभाग को चाहिए कि वह सड़क की स्पेसिफिकेशन करे। केंद्र सरकार दूसरे राज्यों से हिमाचल की तुलना करती है, लेकिन यहां भी भौगोलिक स्थिति काफी अलग है।