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इस घाटी के लिए दूर की कौड़ी बना डिजिटल इंडिया का सपना

Sat, 08 Sep 2018 05:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा Updated Sat, 08 Sep 2018 05:00 PM IST
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No telecom and mobile phone services in Pangi Chamba Himachal Pradesh

संचार क्रांति के तहत डिजिटल इंडिया के सपने पर चंबा जिले के जनजातीय इलाके की पांगी घाटी के हालात ग्रहण साबित हो रहे हैं। घाटी की चार पंचायतों के हजारों लोग मोबाइल और लैंडलाइन फोन की सुविधा को तरस रहे हैं। लोगों को अपने सगे संबंधियों से बात करने के लिए पांच रुपये प्रति मिनट की दर से एसटीडी पर पैसे देने पड़ रहे हैं।

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सेचू गांव में एक व्यक्ति ने बीएसएनएल में पैसे जमा करवाकर खुद के लिए एंटीना लगाया है। इसी एंटीना के नेटवर्क से उसने अपने घर पर एसटीडी चलाई है। जबकि गांव में लैंडलाइन या मोबाइल नहीं चलते। एसटीडी पर लोगों को फोन करने के लिए पांच रुपये प्रति मिनट की दर से पैसे देने पड़ते हैं।
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पांगी वासी जिला का सबसे दुर्गम क्षेत्र हैं। यहां के युवा पढ़ाई करने के लिए कुल्लू, मंडी, मनाली, चंबा, चंडीगढ़ व दिल्ली में रहते हैं। ऐसे में जब अभिभावकों को उनसे बात करनी हो तो पंचायत में कोई भी नेटवर्क की सुविधा नहीं है। मजबूरन ग्रामीणों को दस किमी पैदल चलकर एसटीडी में जाकर फोन करना पड़ता है।

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जल्द लग सकता है बीएसएनएल का टॉवर

No telecom and mobile phone services in Pangi Chamba Himachal Pradesh

एसटीडी में रोजाना 150 लोग फोन करने के लिए आते हैं। ग्राम पंचायत सेचू नाला के उप प्रधान देस राज व ग्रामीणों में राम कुमार, अमर चंद, संतोश कुमार, बबीता कुमार, राम सिंह, हीरा लाल, संजय कुमार, प्रदीप सिंह, प्रकाश कुमार, अजय सिंह, मंगल राज, योग सिंह, बंसी राम व राम सिंह दुश्वारियां बयान करते हैं।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत साहली, शूण, उदीण व सेचू नाला में रहने वाले लोगों के पास मोबाइल फोन तो पड़े हैं। लेकिन उसमें किसी भी सिम का नेटवर्क नहीं आता। उनकी पंचायतों में किसी भी मोबाइल नेटवर्क कंपनी ने अपना टावर नहीं लगाया।

ऐसे में लोगों को दस किमी पैदल चलकर सेचू गांव में जाना पड़ता है। जहां पर हुकम चंद ने एंटीना लगाकर एसटीडी चला रखी है। लोगों को कॉल करने के लिए पैसे जरूर चुकाने पड़ते हैं। लेकिन उनकी रिश्तेेदारों से बात तो हो जाती है। ऐसी हालत में देश डिजिटल कैसे बन पाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकारों को घोषणाओं को पांगी के धरातल पर उतारकर लोगों को राहत देनी चाहिए। पांगी स्थित बीएसएनएल के अधिकारी अंकित चौधरी ने बताया कि उपरोक्त पंचायत को नेटवर्क से जोड़ने के लिए बीएसएनएल का टावर लगाया जा रहा है। एक माह के भीतर इस टावर को शुरू भी किया जा सकता है।

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