जिप, बीडीसी सदस्यों को झटका, नहीं मिलेंगी वित्तीय शक्तियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए अलग से बजट का प्रावधान नहीं होगा। केंद्र ने हिमाचल सरकार का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है। प्रदेश सरकार ने केंद्रीय मंत्रालय को जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा था।
लेकिन मंत्रालय ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्र ने प्रदेश सरकार को कहा है कि 14वें वित्तायोग के तहत गाइडलाइन में बदलाव नहीं किया जा सकता है।
13 वें वित्तायोग के तहत केंद्र सरकार जिला परिषद को 50 फीसदी, बीडीसी सदस्यों को 30 और पंचायतों को 20 फीसदी विकास कार्यों की राशि जारी होती थी। 14वें वित्तायोग के तहत केंद्र सरकार ने यह राशि सीधे पंचायतों को देने का फैसला लिया।
सरकार ने की है बजट देने की घोषणा
जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों कार्यों के लिए योजनाएं बनाने में अपने सुझाव दे सकते हैं। कार्य पंचायत स्तर पर ही किए जाएंगे। पंचायतों में भी यह पैसा अपनी मर्जी से खर्च नहीं किया जा सकेगा।
पहले प्रस्ताव को ग्रामसभा में मंजूर करवाना होगा। उसके बाद प्रस्ताव जिला कमेटी के पास जाएगा। इनकी सहमति से पैसे को विकास कार्यों में लाया जाएगा।
सरकार ने की है बजट देने की घोषणा
प्रदेश सरकार ने अपने खजाने से जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए बजट उपलब्ध करवाने की बात ही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बजट भाषण के अलावा मंच से भी इसकी घोषणा कर चुके हैं।
जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों को विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा था, लेकिन केंद्र ने इस पर अपनी सहमति नहीं दी है। - अनिल शर्मा, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री