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Shimla News: एबीजी टेस्ट के लिए लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं
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आईजीएमसी में आपातकालीन मरीजों के लिए लगेगा अलग काउंटर
निजी क्रस्ना लैब में सैंपल देने के 20 मिनट बाद मिल जाएगी रिपोर्ट
सुमित ठाकुर
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब एबीजी टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को घंटों लाइनों में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा।
अस्पताल की निजी क्रस्ना लैब में सैंपल लेने के लिए पहली बार अलग से काउंटर की व्यवस्था की है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सैंपल की रिपोर्ट निजी लैब से 20 से 25 मिनट में सौंप दी जाएगी। इससे आपात स्थिति में आए मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। आईजीएमसी में रोजाना सैकड़ों मरीज आपात स्थिति में उपचार करवाने के लिए आते हैं। चिकित्सक जांच के दौरान मरीज का तत्काल एबीजी (आर्ट्रियल ब्लड गैस) टेस्ट करवाते हैं। मरीजों को दिक्कतें पेश न आए इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने निजी लैब में अलग से काउंटर की व्यवस्था की है। आईजीएमसी प्रबंधन का कहना है कि लैब में वार्डों में दाखिल मरीजों के सैंपलों की जांच भी की जाती है। लैब में लंबी लाइनें लगी रहती हैं। इसके अलावा कौन मरीज आपात स्थिति में आया है, उसका पता नहीं चलता है। अब अलग से काउंटर लगाने से इसका पता चल सकेगा।
क्या है एबीजी टेस्ट
एबीजी टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट है। इस टेस्ट के जरिये खून में ऑक्सीजन की मात्रा का पता चलता है। इसके अलावा फेफड़े सही से काम कर रहे हैं, शुगर, इलेक्ट्रोलाइटस, लिवर और बॉडी सॉल्ट आदि की जानकारी का डिटेल में पता चलता है। आपातकालीन स्थिति और आईसीयू में दाखिल मरीजों का चिकित्सक यह टेस्ट गंभीर स्थिति में करवाते हैं।
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निजी क्रस्ना लैब में सैंपल देने के 20 मिनट बाद मिल जाएगी रिपोर्ट
सुमित ठाकुर
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब एबीजी टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को घंटों लाइनों में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा।
अस्पताल की निजी क्रस्ना लैब में सैंपल लेने के लिए पहली बार अलग से काउंटर की व्यवस्था की है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सैंपल की रिपोर्ट निजी लैब से 20 से 25 मिनट में सौंप दी जाएगी। इससे आपात स्थिति में आए मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। आईजीएमसी में रोजाना सैकड़ों मरीज आपात स्थिति में उपचार करवाने के लिए आते हैं। चिकित्सक जांच के दौरान मरीज का तत्काल एबीजी (आर्ट्रियल ब्लड गैस) टेस्ट करवाते हैं। मरीजों को दिक्कतें पेश न आए इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने निजी लैब में अलग से काउंटर की व्यवस्था की है। आईजीएमसी प्रबंधन का कहना है कि लैब में वार्डों में दाखिल मरीजों के सैंपलों की जांच भी की जाती है। लैब में लंबी लाइनें लगी रहती हैं। इसके अलावा कौन मरीज आपात स्थिति में आया है, उसका पता नहीं चलता है। अब अलग से काउंटर लगाने से इसका पता चल सकेगा।
क्या है एबीजी टेस्ट
एबीजी टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट है। इस टेस्ट के जरिये खून में ऑक्सीजन की मात्रा का पता चलता है। इसके अलावा फेफड़े सही से काम कर रहे हैं, शुगर, इलेक्ट्रोलाइटस, लिवर और बॉडी सॉल्ट आदि की जानकारी का डिटेल में पता चलता है। आपातकालीन स्थिति और आईसीयू में दाखिल मरीजों का चिकित्सक यह टेस्ट गंभीर स्थिति में करवाते हैं।
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