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Constable Paper Leak Case: पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में हिमाचल के कर्मचारियों की नहीं मिली संलिप्तता

Mon, 27 Jun 2022 09:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 27 Jun 2022 09:36 PM IST
सार

डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि पेपर छापने के लिए केंद्र सरकार की अपनी प्रिंटिंग प्रेस हो। पुलिस मुख्यालय ने सरकार के माध्यम से यह मामला केंद्र से उठाया उठाया है। सीबीआई से भी पत्राचार हुआ है। 

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No involvement of Himachal Pradesh employees in police recruitment paper leak case
डीजीपी संजय कुंडू व एसआईटी प्रमुख मधुसूदन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में हिमाचल प्रदेश के किसी कर्मचारी की संलिप्तता नहीं पाई गई है। अभी तक की जांच में बाहरी राज्यों के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत ही सामने आई है। विभिन्न राज्यों के रेलवे, सरकारी विभागों के इंजीनियर और इनकम टैक्स विभाग के कर्मचारी पेपर लीक गैंग से मिले होते हैं। वे प्रिंटिंग प्रेस से भी जुड़े होते हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सरगना पेपर लीक करवाने के बाद समय कम होने के कारण कोचिंग सेंटर संचालकों को पकड़ते हैं। इन्हें पता होता है कि रविवार को पेपर होता है। परीक्षा से एक-दो दिन पहले अभ्यर्थियों को पेपर दिया जाता है।

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एसआईटी प्रमुख मधुसूदन ने बताया कि जिला कांगड़ा में सबसे अधिक 91 आरोपी पकड़े गए हैं। मंडी 23, सोलन 20, ऊना 8, कुल्लू और बिलासपुर तीन-तीन, हमीरपुर 15, सिरमौर 5 और चंबा 3 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारियां हुई हैं। इनमें 116 अभ्यर्थी, 9 अभिभावक और 46 एजेंट शामिल हैं। 47 आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। पेपर लीक केस में बिहार, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा की गैंग शामिल हैं। हिमाचल में शिमला, किन्नौर और लहौल-स्पीति को छोड़कर अन्य 9 जिलों में पेपर लीक हुआ है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि दो ऐसे भी अभ्यर्थी पाए गए हैं, जिन्हें पेपर लीक कराया गया, लेकिन वे फेल हो गए।
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प्रिंटिंग प्रेस के लिए केंद्र से उठाया मामला
डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि पेपर छापने के लिए केंद्र सरकार की अपनी प्रिंटिंग प्रेस हो। पुलिस मुख्यालय ने सरकार के माध्यम से यह मामला केंद्र से उठाया उठाया है। सीबीआई से भी पत्राचार हुआ है। परीक्षाओं के पेपर छपवाने के लिए हाई सिक्योरिटी तंत्र विकसित किया जा सकता है।
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छह अलग-अलग टीमें बनाईं, 10 लाख से अधिक नकदी जब्त
डीजीपी ने कहा कि पेपर लीक मामले की जांच के लिए एसआईटी की छह टीमें गठित की गई हैं। इनमें इन्वेस्टिगेशन, टीम दस्तावेज, बाहरी राज्यों में दबिश देने वाली टीम, साइबर इन्वेस्टिगेशन, पूछताछ और वित्तीय जांच टीम शामिल हैं। अब तक एसआईटी 10 लाख से अधिक की नकदी बरामद कर चुकी है। छह कारें, 185 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप, 10 हार्डडिस्क, एक एजेंट और संलिप्त संस्थानों से उम्मीदवारों के 10वीं और 12वीं के मूल प्रमाण पत्र तथा अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।

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