{"_id":"bd66e952dd1607205cd5741052e2cfd9","slug":"no-govt-building-on-river-side-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब इन जगहों पर नहीं बनेंगे सरकार भवन: वीरभद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब इन जगहों पर नहीं बनेंगे सरकार भवन: वीरभद्र
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 18 Aug 2015 10:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लोक निर्माण विभाग को नदी, मौसमी नालों और खड्डों के किनारे सरकारी विभागों के किसी भी प्रकार के निर्माण अथवा भवन बनाने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सोमवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में बोल रहे थे।
विज्ञापन
कहा कि धर्मपुर बस अड्डे के निर्माण को स्थल का चयन नदी तट पर किसने एवं किन परिस्थितियों में किया, वह इसकी जांच करवाएंगे। ऐसा करना न केवल निर्णय लेने वालों के लापरवाह रवैये को दर्शाता है, बल्कि इससे राजकोष को भी क्षति पहुंची है। उन्होंने सड़क किनारे नालियां बनाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
कहा कि राज्य में आपदा से निपटने को अविलंब एक समर्पित बहु विषयक दल का गठन किया जाए। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के गठन में देरी पर नाराजगी जताई। इसके लिए तीन माह में सभी औपचारिकताएं पूरा करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को नदी किनारों पर लगाई गई बाड़ अथवा हद बंदी और कांटेदार तारों के नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सर्वाधिक प्रभावित जिलों एवं पुन: बहाली एवं निर्माण और राहत कार्यों के लिए विभिन्न विभागों को 100 करोड़ जारी करने का निर्णय लिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) तरुण श्रीधर ने कहा कि राज्य में मानसून के बाद बादल फटने अथवा बाढ़ से जान गंवाने वाले 68 व्यक्तियों के परिजनों को 2.72 करोड़ की अनुग्रह राशि दी गई है।
चंबा जिले में सर्वाधिक 24 और बिलासपुर में 11 लोगों की जान गई है। राज्य में 652 मवेशियों के मरने से 52.68 लाख का नुकसान हुआ है। प्रदेश में 2395 निर्माण क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 1210 मकान पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं। मौजूदा मानसून के दौरान राज्य को 628.86 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण को 400 करोड़ रुपये, आईपीएच को 172 करोड़, बागवानी एवं कृषि विभागों को क्रमश: 52 करोड़ और 16 करोड़ की क्षति हुई है।
पीड़ित परिवारों की अनुग्रह राशि बढ़ी
बैठक में पीड़ित परिवारों को वर्तमान में प्रदान की जा रही 1.50 लाख रूपये की अनुग्रह राशि को बढ़ा कर 4 लाख रूपये करने को स्वीकृति भी प्रदान की गई। यह अनुग्रह राशि प्रभावित परिवारों को दी जाएगी चाहे वे किसी भी राज्य अथवा राष्ट्र से सम्बन्धित हों।
किसानों व बागवानों को अब फसलों के 33 प्रतिशत नुकसान की स्थिति में लाभ प्रदान किया जाएगा जबकि पूर्व में यह सहायता 50 प्रतिशत नुकसान होने पर प्रदान की जाती थी।