लाखों गैस उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद, जानिए क्यों?
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हिमाचल के दो लाख दस हजार घरेलू गैस उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी बंद हो गई है। पहल योजना से नहीं जुड़ने पर इन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की पूरी कीमत चुकानी पड़ रही है। योजना से जुड़ चुके उपभोक्ताओं को गैस कंपनियां हर माह सब्सिडी की राशि बैंक खाते में लौटाती है।
योजना से लिंकेज नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर खरीदने के लिए अन्य उपभोक्ताओं के मुकाबले वैट के नौ रुपये भी अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। प्रदेश में 14 लाख रसोई गैस उपभोक्ता हैं। गैस कंपनियों का कहना है कि 15 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अभी तक लिंकेज नहीं करवाई है। इसके चलते उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं दी जा रही है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन की प्रबंधक मानसी दुल्लू ने इसकी पुष्टि की है।
घट गए गैस सिलेंडर के दाम
जुलाई में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम जून के मुकाबले साढ़े 18 रुपये घटे हैं। शिमला में जुलाई में 663.50 रुपये (50 रुपये कुली भाड़ा अतिरिक्त) में सिलेंडर मिलेगा। जून में 682 रुपये (50 रुपये कुली भाड़ा अतिरिक्त) में सिलेंडर मिला था।
शिमला में 227.15 रुपये की सब्सिडी लौटाई जाएगी। सोलन में 675 रुपये, नाहन में 659 रुपये, कुल्लू में 655.50 रुपये, हमीरपुर में 687 रुपये, रामपुर में 663.50 रुपये, मंडी में 677 रुपये, ऊना में 682 रुपये, बिलासपुर में 657 रुपये और कांगड़ा में 694 रुपये में घरेलू गैस सिलेंडर मिलेगा।
प्रदेश में जुलाई महीने में व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम 70 रुपये घटे हैं। शिमला में 1247 रुपये में व्यावसायिक सिलेंडर मिलेगा। जून में इसका रेट 1317 रुपये था। जुलाई में सोलन में 1248.50 रुपये, नाहन में 1237.50 रुपये, कुल्लू में 1255 रुपये, हमीरपुर 1284 रुपये, रामपुर में 1247 रुपये, ऊना में 1274 रुपये, बिलासपुर में 1234 रुपये और कांगड़ा में 1299 रुपये में व्यावसायिक गैस सिलेंडर मिलेगा।
पूर्व सीएम धूमल ने सरेंडर की गैस सब्सिडी
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल सहित कई भाजपा विधायकों ने रसोई गैस सब्सिडी को सरेंडर कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर भाजपा नेताओं ने यह फैसला लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने कहा है कि मैने सब्सिडी लेने से इंकार कर दिया है।
भाजपा महासचिव और विधायक रणधीर शर्मा ने बताया है कि उनके सहित कई अन्य विधायकों ने भी सब्सिडी लेने से इंकार किया है। जनहित में यह फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं से जनहित में गैस सब्सिडी की राशि नहीं लेने की अपील की है। सब्सिडी सरेंडर करने वाले उपभोक्ताओं को गैस कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर जानकारी देनी होगी।