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डेंटल में कॉलेज में कोविड टेस्ट के बाद होगा उपचार
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शहर में कोरोना के मामले बढ़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने जारी किए निर्देश
जुकाम-बुखार पीड़ितों पर लागू होंगे यह नियम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिमला में इलाज करवाने आने वाले मरीजों को अब कोरोना का रैट टेस्ट करवाना जरूरी कर दिया है। टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही मरीजों का उपचार अस्पताल में होगा। यह व्यवस्था ऐसे मरीजों पर लागू होगी जिनमें जुकाम और गला खराब के लक्षण होंगे। ऐसे मरीजों का टेस्ट के बाद अगर रिपोर्ट निगेटिव आएगी उस स्थिति में ही उपचार शुरू किया जाएगा।
डेंटल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों की तादाद में मरीज दांतों का उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें बच्चे से लेकर बड़े मरीज तक शामिल होते हैं लेकिन इन दिनों देखा गया है कि कई मरीजों को जुकाम तथा गला खराब जैसे लक्षण हैं। ऐसे में वह इसके बारे में डॉक्टरों को नहीं बताते है। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने कुछ मरीजों में लक्षण नजर आने पर
जब उनके कोविड टेस्ट करवाए तो वह पॉजिटिव निकले। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने यह नई व्यवस्था लागू कर दी है।
चिकित्सकों को दिए
हैं निर्देश : डॉ. गुप्ता
डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता ने कहा कि चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के तुरंत टेस्ट करवाएं। इससे अस्पताल में संक्रमण फैलने से रुकेगा। अस्पताल का स्टाफ भी सुरक्षित रहेगा।
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इमरजेंसी मरीजों को दे प्राथमिकता
अब डेंटल कॉलेज के कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव आने लगे हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सकों को इमरजेंसी मरीजों के इलाज पर अधिक ध्यान देने की बात कही है। प्रबंधन ने मरीजों से अपील की है कि जिन्हें जुकाम या बुखार है वह टेस्ट करवाकर ही अस्पताल आएं। इसके अलावा छोटी-मोटी बीमारी के लिए अस्पताल में न आएं। अस्पताल की ओपीडी में सामाजिक दूरी कायम रखें।
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जुकाम-बुखार पीड़ितों पर लागू होंगे यह नियम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिमला में इलाज करवाने आने वाले मरीजों को अब कोरोना का रैट टेस्ट करवाना जरूरी कर दिया है। टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही मरीजों का उपचार अस्पताल में होगा। यह व्यवस्था ऐसे मरीजों पर लागू होगी जिनमें जुकाम और गला खराब के लक्षण होंगे। ऐसे मरीजों का टेस्ट के बाद अगर रिपोर्ट निगेटिव आएगी उस स्थिति में ही उपचार शुरू किया जाएगा।
डेंटल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों की तादाद में मरीज दांतों का उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें बच्चे से लेकर बड़े मरीज तक शामिल होते हैं लेकिन इन दिनों देखा गया है कि कई मरीजों को जुकाम तथा गला खराब जैसे लक्षण हैं। ऐसे में वह इसके बारे में डॉक्टरों को नहीं बताते है। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने कुछ मरीजों में लक्षण नजर आने पर
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जब उनके कोविड टेस्ट करवाए तो वह पॉजिटिव निकले। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने यह नई व्यवस्था लागू कर दी है।
चिकित्सकों को दिए
हैं निर्देश : डॉ. गुप्ता
डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता ने कहा कि चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के तुरंत टेस्ट करवाएं। इससे अस्पताल में संक्रमण फैलने से रुकेगा। अस्पताल का स्टाफ भी सुरक्षित रहेगा।
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इमरजेंसी मरीजों को दे प्राथमिकता
अब डेंटल कॉलेज के कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव आने लगे हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सकों को इमरजेंसी मरीजों के इलाज पर अधिक ध्यान देने की बात कही है। प्रबंधन ने मरीजों से अपील की है कि जिन्हें जुकाम या बुखार है वह टेस्ट करवाकर ही अस्पताल आएं। इसके अलावा छोटी-मोटी बीमारी के लिए अस्पताल में न आएं। अस्पताल की ओपीडी में सामाजिक दूरी कायम रखें।