जलाशय का जलस्तर घटाया, डूबने वालों का कोई सुराग नहीं
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वायुसेना के लिए ईंधन ले जा रहे टैंकर व जीप की टक्कर के बाद बीएसएल जलाशय में बहे तीनों लोगों का 24 घंटे बीतने के बाद भी सुराग नहीं लग सका है। प्रशासन के निर्देश पर बीएसएल परियोजना प्रबंधन ने जलाशय के पानी के स्तर को कम किया गया, बावजूद इसके देर शाम तक कोई सफलता हासिल नहीं हुई है।
वीरवार को स्थानीय गोताखोरों के साथ बीबीएमबी के नंगल से भी गोताखोरों की टीम सुंदरनगर पहुंची। शाम 3 बजे कर स्थानीय गोताखोरों ने और उसके बाद नंगल से आए गोताखोरों ने जलाशय में बार-बार डुबकी लगा लापता लोगों को तलाश की है।
लेकिन देर शाम तक उनके हाथ खाली रहे। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से भी लगातार प्रशासन से संपर्क साध राहत कार्यों बारे समीक्षा व रिपोर्ट ली जाती रही। गौरतलब है कि मंगलवार रात हुए हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों को प्रशासन ने उनकी तलाश में लगा रखा है।
जिन्होंने बुधवार को तो नहर में गिरी जीप को ढूंढ निकाला लेकिन सारा दिन नहर में ढूंढने के बाद भी टैंकर चालक व जीप सवार दो अन्य व्यक्तियों का कोई पता नहीं चल पाया है।
गोताखोरों के हर गोते के बाद टूटती रही आस
हादसे के बाद नहर में डूबे तीनों लोगों के परिजन बेचैन हैं। गोताखोरों की हर डुबकी के साथ परिजनों को आस जगती कि लापता मिल जाएंगे, लेकिन कोई सुराग न लग पाने से उनकी आस टूटती रही।
नहर में बहे जम्मू के उधमपुर से टैंकर चालक विक्रम सिंह व जीप सवार सराज के थाची क्षेत्र के डोढ़ निवासी मनी राम पुत्र चंद्र सिंह व गुरना थाची निवासी धमेंद्र पुत्र टेक सिंह के परिजन व मित्रबंधु सारा दिन नहर व जलाशय के किनारे उनकी तलाश में चक्कर लगाते रहे।
सिल्ट ने परेशानियों को बढ़ा दिया है। बरसात के कारण नहर व जलाशय में भारी मात्रा में सिल्ट आती है। जिसके कारण अंदर दलदल भी रहती है और पानी भी मैला रहता है। पानी में डुबकी लगाने पर अंदर कुछ नहीं दिखाई दे रहा है।
ऐसे में गोताखोर नहर की तलहटी को टटोल कर सुराग ढूंढ रहे हैं। उपमंडलाधिकारी(ना.) राहुल चौहान ने बताया लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है अगर देर शाम तक कोई सफलता न मिली तो शुक्रवार को भी तलाश जारी रहेगी।