रोहतांग के साथ प्रस्तावित शिकुंला सुरंग का निरीक्षण करेंगे गडकरी
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दुनिया की सबसे ऊंची सामरिक महत्व वाली रोहतांग टनल के साथ प्रस्तावित शिंकुला सुरंग के जल्द बनने की उम्मीद जगी है। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार को निर्माणाधीन रोहतांग टनल के साथ ही शिंकुला दर्रा पर प्रस्तावित तीन किलोमीटर लंबी सुरंग का निरीक्षण भी करेंगेे।
गडकरी शुक्रवार सुबह मनाली के समीप सासे हेलीपैड से चेतक चॉपर के माध्यम से शिंकुला दर्रा के लिए उड़ान भरेंगे। शिंकुला पास का हवाई निरीक्षण करने के बाद लाहौल के सिस्सू स्थित हेलीपैड पर लैंडिंग करेंगे। यहां से गडकरी रोहतांग टनल के नार्थ पोर्टल का निरीक्षण करेंगे और उसके बाद टनल से होकर साउथ पोर्टल तक वाहन के माध्यम से आएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोहतांग टनल को लेकर लाहौल आने का कार्यक्रम
फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोहतांग टनल को लेकर लाहौल आने का कार्यक्रम है। उम्मीद की जा रही है कि नितिन गडकरी के दौरे से रोहतांग टनल का निर्माण कार्य और गति पकड़ेगा।
सीमा सड़क संगठन समुद्र तल से 16500 फुट ऊंचे शिंकुला दर्रा में सुरंग बनाने के लिए पिछले करीब एक दशक से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि संगठन ने टनल की रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंप दी है।
फिलहाल प्रदेश से कारगिल पहुंचने के लिए सेना को पहले लद्दाख पहुंचना पड़ता है जबकि लद्दाख से कारगिल की दूरी 250 किलोमीटर है। मौजूदा समय में मनाली से कारगिल की दूरी तकरीबन 735 किलोमीटर है।
कारगिल की दूरी करीब 200 किलोमीटर कम हो जाएगी
शिंकुला दर्रा में टनल बनने से मनाली से कारगिल की दूरी करीब 200 किलोमीटर कम हो जाएगी। हालांकि, सीमा सड़क संगठन ने दारचा से शिंकुला दर्रा होते हुए करग्या तक सड़क निर्माण कर दिया है।
लाहौल-स्पीति के कार्यकारी उपायुक्त एवं एसडीएम अमर नेगी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शुक्रवार सुबह सासे हेलीपैड से शिंकुला दर्रा की तरफ उड़ान भरेंगे। उसके बाद लाहौल के सिस्सू हेलीपैड पर लैंडिंग करेंगे, जहां से वह रोहतांग टनल होकर धुंधी पहुंचेंगे।