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एनआईटी हमीरपुर में महंगी हो गई पढ़ाई
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 11 May 2014 11:47 AM IST
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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कॉलेज हमीरपुर में इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों को झटका दिया है।
मंत्रालय ने बीटेक, एमसीए और एमटेक की सालाना फीस 35 हजार से बढ़ाकर 70 हजार कर दी है। इसके अलावा एमएससी और पीचडी की वार्षिक फीस 15-15 हजार रुपये कर दी है। बढ़ी फीस जुलाई से आरंभ होने वाले 2014-15 के नए सत्र से लागू होगी।
पांच साल की एमबीए और एमएससी प्रोग्राम की फीस बढ़ाने का निर्णय मंत्रालय ने सभी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पर छोड़ा है।
एनआईटी काउंसिल की स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में बीटेक की करीब 560 सीटें हैं।
इनमें एससी, एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए भी सीटें रिजर्व हैं। बढ़ी हुई फीस इन वर्गों के स्टूडेंट्स को राहत दी गई है।
हॉस्टल फीस में भी हुआ बदलाव
इसके अलावा होस्टल फीस में भी परिवर्तन किया गया है। इस संबंध में एनआईटी के निदेशक राजेश सिंह की ओर नोटिफिकेशन जारी हुई है। वर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर से 1990 में पहला बैच पास आउट हुआ था।
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मंत्रालय ने बीटेक, एमसीए और एमटेक की सालाना फीस 35 हजार से बढ़ाकर 70 हजार कर दी है। इसके अलावा एमएससी और पीचडी की वार्षिक फीस 15-15 हजार रुपये कर दी है। बढ़ी फीस जुलाई से आरंभ होने वाले 2014-15 के नए सत्र से लागू होगी।
पांच साल की एमबीए और एमएससी प्रोग्राम की फीस बढ़ाने का निर्णय मंत्रालय ने सभी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पर छोड़ा है।
एनआईटी काउंसिल की स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में बीटेक की करीब 560 सीटें हैं।
इनमें एससी, एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए भी सीटें रिजर्व हैं। बढ़ी हुई फीस इन वर्गों के स्टूडेंट्स को राहत दी गई है।
हॉस्टल फीस में भी हुआ बदलाव
इसके अलावा होस्टल फीस में भी परिवर्तन किया गया है। इस संबंध में एनआईटी के निदेशक राजेश सिंह की ओर नोटिफिकेशन जारी हुई है। वर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर से 1990 में पहला बैच पास आउट हुआ था।
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