एनजीटी ने निर्माण गतिविधियों पर लगाई रोक
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सोलन के कसौली कैंट और आसपास के इलाकों में निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। साथ ही याची और राज्य की ओर से मौजूद वकील को निर्देश दिया है कि वह क्षेत्र में मौजूद अवैध निर्माण की सूची ट्रिब्यूनल में पेश करे। बेंच ने गढ़खल इलाके में बिना जरूरी पर्यावरण और प्राधिकरणों की मंजूरी के हो रहे निर्माण पर प्रदेश सरकार को तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
एनजीटी का यह निर्देश हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की ओर से खेत्रपाल मार्ग के पास बनाए जा रहे पांच सितारा होटल के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 अप्रैल को होगी। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को सोसाइटी फॉर प्रिजर्वेशन ऑफ कसौली एंड इट्स एनवॉरन्स (स्पोक) की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की।
बेंच ने कहा कि क्षेत्र में निर्माण करने वालों की जांच कर राज्य सरकार यह देखे कि इनके पास हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी या वन्य क्षेत्र की मंजूरी या फिर किसी स्थानीय प्राधिकरण से अनुमति हासिल की गई है या नहीं। सरकार यह सुनिश्चित करे कि ऐसे लोगों को निर्माण की अनुमति न दी जाए।
अवैध निर्माण प्रॉपर्टी की सूची मांगी
सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश की ओर से पेश एडवोकेट ने कसौली में चल रहे अवैध निर्माण कार्यों और प्रॉपर्टी की सूची ट्रिब्यूनल में पेश की। इस पर याची की ओर से पेश एडवोकेट ने ऐतराज जताते हुए कहा कि इसमें से कई प्रॉपर्टी कैंट क्षेत्र के बाहर की हैं। इसलिए यह सूची सही नहीं है।
इसके बाद बेंच ने निर्देश में कहा कि याची और राज्य सरकार की ओर से पेश एडवोकेट अगली सुनवाई में अवैध निर्माण प्रॉपर्टी की सूची से संबंधित हलफनामा दाखिल करें। यह कैंट क्षेत्र और उसके बाहर आने वाले दायरे को शामिल करते हुए होना चाहिए। साथ ही जहां तक कसौली विकास योजना 2021 का दायरा है उस क्षेत्र में भी मौजूद अवैध प्रॉपर्टी की सूची हलफनामे में शामिल होनी चाहिए।
सड़क पर बढ़ेगी समस्या- मालूम हो कि संस्था की ओर से पर्यटन विकास निगम के खिलाफ दाखिल याचिका में आरोप था कि सैकड़ों वर्ष पुराना खेत्रपाल मार्ग बहुत ही संकरा है। ऐसे में निगम के जरिये कराए जा रहे होटल के निर्माण से सड़क पर जाम जैसी समस्या में इजाफा होगा। साथ ही कसौली में पेयजल की समस्या है। होटल के निर्माण से इस समस्या में और इजाफा होगा।