हिमाचल के सात शहरों में वाहनों की संख्या नियंत्रित करे सरकार: एनजीटी
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हिमाचल समेत 22 राज्यों के सबसे प्रदूषित 102 शहरों की हवा की गुणवत्ता सुधारने को आदेश जारी किए हैं। इसमें हिमाचल के सात शहर भी शामिल हैं। एनजीटी ने हिमाचल सरकार को प्रदूषित शहरों की आबोहवा सुधारने के लिए वाहनों की संख्या और अंधाधुंध निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।
इन शहरों की वाहन और औद्योगिक प्रदूषण की क्षमता को देखते हुए गाइडलाइन बनाने को कहा है। साथ ही सरकार को दो महीने के भीतर हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को भेजने के निर्देश दिए हैं। देशभर के 102 शहरों की हवा की गुणवत्ता के जानलेवा होने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल, न्यायिक सदस्य डॉ. जावेद रहमानी, एसपी वांगड़ी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. नगीन नंदा की बेंच ने ये निर्देश जारी किए।
एनजीटी ने कहा है कि सभी राज्यों के एक्शन प्लान को उस राज्य की छह सदस्यीय वायु गुणवत्ता निगरानी कमेटी (एक्यूएमसी) तैयार करेगी जिसमें निदेशक पर्यावरण, परिवहन, उद्योग, शहरी विकास, कृषि व सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शामिल होंगे। इस कमेटी का पर्यवेक्षण उस राज्य के प्रधान सचिव पर्यावरण करेंगे।
31 दिसंबर 2018 तक सभी राज्य अपना एक्शन प्लान सीपीसीबी को भेजेंगे। इस एक्शन प्लान में प्रदूषण के कारणों का ब्योरा क्षेत्रवार होगा और उसे रोकने के लिए उन कदमों का भी उल्लेख करना होगा। साथ ही व्यापक वायु गुणवत्ता निगरानी व जागरूकता के संबंध में उठाए जाने वाले कदमों का भी जिक्र किया जाए।
कमेटी की सिफारिश पर सीपीसीबी करेगा अनुमोदित
राज्यों की एक्यूएमसी की ओर से बनाए गए एक्शन प्लान को विशेषज्ञों की एक कमेटी को भेजा जाएगा जो प्लान का अध्ययन कर अपनी सिफारिश देगी। इस कमेटी में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. मुकेश शर्मा और आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. मुकेश खरे के अलावा सीपीसीबी के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव शामिल होंगे। इस कमेटी की सिफारिश के आधार पर सीपीसीबी 31 जनवरी 2019 तक एक्शन प्लान को अनुमोदित कर देगा ताकि अगले छह महीने के अंदर उन शहरों की हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम शुरू किए जा सके।
हिमाचल के सबसे प्रदूषित सात शहर- हिमाचल के सबसे प्रदूषित सात शहरों में बद्दी, डमटाल, कालाअंब, सुंदरनगर, परवाणू, पांवटा साहिब और नालागढ़ हैं। इसके अलावा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के 15 शहर, उत्तराखंड के दो, पंजाब के नौ, ओडिशा व मध्य प्रदेश के छह-छह, असम, आंध्र प्रदेश और राजस्थान के 5-5, जम्मू-श्रीनगर, छत्तीसगढ़ व तेलंगाना के तीन-तीन, गुजरात व नगालैंड के दो-दो, झारखंड, मेघालय, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल के एक-एक शहर, चंडीगढ़ और दिल्ली शामिल हैं।