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रेलवे के पार्किंग प्रोजेक्ट को अनुमति देने से एनजीटी का इनकार
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पर्यावरण संरक्षण का हवाला देकर निर्माण कार्य की अनुमति देने से किया मना
क्रॉसर
ट्रैफिक की समस्या के समाधान की दलील खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला/दिल्ली। शिमला में रेलवे के बहुमंजिला पार्किंग प्रोजेक्ट को स्वीकृति देने से एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने इनकार कर दिया है। पर्यावरण संरक्षण का हवाला देते हुए एनजीटी ने निर्माण कार्य को अनुमति नहीं दी है।
रेलवे ने शिमला में ओल्ड बस स्टैंड के पास विंटर फील्ड के नीचे बहुमंजिला पार्किंग, होटल और व्यावसायिक परिसर बनाने की योजना बनाई है। निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर रेलवे ने एनजीटी से लिखित आवेदन किया था लेकिन एनजीटी ने निर्माण करने की अनुमति नहीं दी है। एनजीटी ने रेल भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में ट्रिब्यूनल के पहले के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट को अनुमति नहीं दी जा सकती। इसमें कहा गया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए कोर, ग्रीन और फॉरेस्ट एरिया में नए निर्माण पर बंदिश लगाने की आवश्यकता है।
एनजीटी ने रेलवे की इस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें शिमला में ट्रैफिक की समस्या के निदान के लिए बहुमंजिला पार्किंग निर्माण को जरूरी बताया था। कहा है कि प्रोजेक्ट व्यावसायिक प्रकृति का है और पहाड़ी के स्तर से तीन मंजिल तक ऊपर जाता है। एनजीटी ने कहा कि सुपरवाइजरी कमेटी ने भी पाया है कि यह प्रोजेक्ट जनहित के साथ साथ व्यावसायिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए है। एनजीटी ने 2017 में पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन, कोर और फॉरेस्ट एरिया में सभी प्रकार के व्यावसायिक और आवासीय निर्माणों पर रोक लगा दी थी।
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ट्रैफिक की समस्या के समाधान की दलील खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला/दिल्ली। शिमला में रेलवे के बहुमंजिला पार्किंग प्रोजेक्ट को स्वीकृति देने से एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने इनकार कर दिया है। पर्यावरण संरक्षण का हवाला देते हुए एनजीटी ने निर्माण कार्य को अनुमति नहीं दी है।
रेलवे ने शिमला में ओल्ड बस स्टैंड के पास विंटर फील्ड के नीचे बहुमंजिला पार्किंग, होटल और व्यावसायिक परिसर बनाने की योजना बनाई है। निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर रेलवे ने एनजीटी से लिखित आवेदन किया था लेकिन एनजीटी ने निर्माण करने की अनुमति नहीं दी है। एनजीटी ने रेल भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में ट्रिब्यूनल के पहले के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट को अनुमति नहीं दी जा सकती। इसमें कहा गया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए कोर, ग्रीन और फॉरेस्ट एरिया में नए निर्माण पर बंदिश लगाने की आवश्यकता है।
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एनजीटी ने रेलवे की इस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें शिमला में ट्रैफिक की समस्या के निदान के लिए बहुमंजिला पार्किंग निर्माण को जरूरी बताया था। कहा है कि प्रोजेक्ट व्यावसायिक प्रकृति का है और पहाड़ी के स्तर से तीन मंजिल तक ऊपर जाता है। एनजीटी ने कहा कि सुपरवाइजरी कमेटी ने भी पाया है कि यह प्रोजेक्ट जनहित के साथ साथ व्यावसायिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए है। एनजीटी ने 2017 में पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन, कोर और फॉरेस्ट एरिया में सभी प्रकार के व्यावसायिक और आवासीय निर्माणों पर रोक लगा दी थी।
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