जीत के साथ धर्मशाला में इतिहास भी बदल गए कीवी कप्तान
कंगारूओं को धूल चटाने वाले कीवी कैप्टन केन विलियम्सन जीत के साथ ही धौलाधार के आंचल में बसे धर्मशाला स्टेडियम में नया इतिहास रच गए। अब तक यहां खेले गए टी-20 और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में जिस भी कप्तान ने टॉस जीता, पहले फील्डिंग की है।
विलियम्सन ऐसे पहले कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने यहां टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी की और मैच भी जीता। पहली बार धर्मशाला में किसी कप्तान ने ऐसा किया और टॉस ने साथ भी दिया। यहां अब तक दो एक दिवसीय और पांच टी-20 मुकाबले खेले जा चुके हैं। 27 जून 2013 को यहां इंग्लैंड और भारत के बीच वनडे मैच खेला गया।
इंग्लैंड ने टॉस जीता और पहले फील्डिंग ली। भारतीय टीम इस मैच को हार गई थी। इसके बाद 17 अक्तूबर 2014 को वेस्टइंडीज और भारत के बीच वनडे हुआ। यहां भी वेस्टइंडीज कप्तान ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग ली। हालांकि, यह मैच भारत ने जीता था।
दो एक दिवसीय और चार टी-20 मैचों के बाद बदला इतिहास
पिछले वर्ष दो अक्तूबर को यहां महात्मा गांधी-नेल्सन मंडेला सीरीज का पहला टी-20 मैच भी यहां खेला गया। इसमें अफ्रीकी कप्तान ने टॉस जीता और पहले फील्डिंग की। न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया के बीच हुए मुकाबले से पहले इसी माह में धर्मशाला में टीमों के बीच क्वालिफायर मुकाबले खेले गए।
रोचक यह रहा कि इन मैचों के दौरान भी टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का सिलसिला जारी रहा। बांग्लादेश और नीदरलैंड के बीच यहां खेले गए क्वालिफायर मैच में भी नीदरलैंड ने टॉस जीता और पहले फील्डिंग की। इसके बाद आयरलैंड-बांग्लादेश के बीच दूसरा क्वालिफायर हुआ। इसमें आयरलैंड ने टॉस जीता और पहले क्षेत्ररक्षण का निर्णय लिया।
यह मैच बारिश के कारण स्थगित हो गया। 13 मार्च को अंतिम क्वालिफायर आयरलैंड और नीदरलैंड के बीच हुआ। आयरलैंड ने टॉस जीता और पहले फील्डिंग की, लेकिन शुक्रवार को न्यूजीलैंड-आस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मैच में इतिहास बदल गया। टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण करने का सिलसिला केन विलियम्सन ने तोड़ा और पहले बल्लेबाजी की।