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शहर में नये भवनों का टैक्स बढ़ाने को दी मंजूरी

Sat, 21 Aug 2021 11:44 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Aug 2021 11:44 PM IST
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New buildings will now have to pay more property tax in Shimla
शिमला। राजधानी में जनवरी 2021 के बाद बने या बनने वाले नए भवनों का शहरवासियों को अब ज्यादा प्रापर्टी टैक्स देना होगा। नगर निगम ने नए भवनों की फैक्टर वेल्यू बढ़ाने का फैसला ले लिया है। मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई वित्त संविदा एवं योजना समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
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निगम प्रशासन ने बताया कि यह प्रस्ताव नया नहीं है। हर 20 साल बाद शहर में बनने वाले भवनों के टैक्स की फैक्टर वैल्यू में बदलाव किया जाता है। नगर निगम ने साल 2015 में लागू की गई नई टैक्स प्रणाली के तहत हर 20 साल बाद भवनों की फैक्टर वैल्यू बढ़ाने का फैसला लिया था। 1980 से पहले बने भवनों की फैक्टर वैल्यू 3 थी। 1981 से साल 2000 तक यह वैल्यू 4 थी। साल 2001 से 2020 के बीच बने भवनों से नगर निगम फैक्टर वैल्यू 5 के तहत टैक्स वसूली कर रहा था। अब 2021 से 2040 के बीच बनने वाले भवनों से फैक्टर वैल्यू 6 के अनुसार टैक्स लेना है। बताया कि इससे नए भवनों की टैक्स की राशि में हल्की बढ़ोतरी होगी। पुराने भवन मालिकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। समिति ने इसे मंजूरी दे दी है। मेयर ने कहा कि बैठक में सभी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई है। अब 28 अगस्त को होने वाले नगर निगम सदन में इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
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नहीं देंगे जमीन, लिफ्ट का वसूलेंगे शेयर
समिति के समक्ष एचपीटीडीसी की लिफ्ट से शेयर लेने का प्रस्ताव भी चर्चा के लिए रखा गया। नगर निगम प्रशासन ने बताया कि जिस जगह नई लिफ्ट बनी है, वह जमीन नगर निगम की है। इस जमीन की एनओसी इस समझौते के साथ दी गई थी कि लिफ्ट बनने के बाद इसकी कमाई में 30 फीसदी शेयर नगर निगम का होगा। लेकिन तीन साल से यह शेयर नहीं मिल रहा। करीब सात लाख रुपये से ज्यादा यह राशि पहुंच चुकी है। उधर, अब पर्यटन निगम ने शेयर देने की बजाय इस जमीन की कीमत एकमुश्त देने का प्रस्ताव दिया है। बैठक में पार्षदों ने इस पर सवाल उठाए। कहा कि जब समझौता शेयर का हुआ है तो उसी के अनुसार वसूली की जाए। नगर निगम यह जमीन नहीं देगा। अब सदन में भी इस पर चर्चा की जाएगी।
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बैठक के नाम पर हो रही खानापूर्ति
नगर निगम प्रशासन ने जीएफसी की बैठक भी बुलाई थी। मेयर की अगुवाई वाली इस समिति में चार सदस्य पार्षद हैं, जिनमें पार्षद कमलेश मेहता, रेणु चौहान और कुुसुमलता ठाकुर बैठक के लिए पहुंचे। लेकिन टाउनहाल पहुंचकर पता चला कि बैठक में चर्चा करने के लिए कोई मुद्दा ही नहीं है। बीते महीने भी बिना एजेंडा के ही बैठक बुला ली थी। पार्षद इसमें हिस्सा लेने तो आते हैं, लेकिन एजेंडा न होने के कारण कोई चर्चा नहीं होती। ऐसे में पार्षद भी अपनी हाजिरी लगाकर वापस लौट जाते हैं।
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