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Shimla News: आपदा में खतरनाक जगहों पर नजर रखेगा नेरवा के छात्र का मॉडल

Tue, 20 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 11:59 PM IST
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Nerwa student's model will keep an eye on dangerous places in case of disaster
जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में हासिल किया पहला स्थान, अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में करेगा जिले का प्रतिनिधित्व
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आपदा की संभावनाओं का लगाया जा सकेगा पहले पता
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला के राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नेरवा के छात्र विक्रांत ने 33वीं जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस की इनोवेटिव साइंस मॉडल प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है।

उन्होंने हिमालयन डिजास्टर गार्जियन रोवर नाम का मॉडल तैयार किया है। यह मॉडल आपदा के दौरान मिट्टी की नमी, आग, गैस रिसाव और तापमान जैसी स्थितियों पर नजर रखने तथा उनसे जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद करता है। इससे आपदा की संभावनाओं का पता लगाया जा सकता है। अब विक्रांत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन छोटा शिमला स्कूल में किया गया। इसमें जिले के करीब 426 विद्यार्थियों ने छह स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। इनोवेटिव साइंस मॉडल प्रतियोगिता में नेरवा के विक्रांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। विक्रांत ने बताया कि उन्होंने अपने रोबोट का नाम हिमालयन डिजास्टर गार्जियन रोवर (एचडीजीआर) रखा है। इसे हिमाचल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसका उद्देश्य ऐसी जगहों की निगरानी करना है, जहां आग लगने, गैस रिसाव या अन्य आपात स्थितियों के दौरान इंसान का तुरंत पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
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विक्रांत के अनुसार रोबोट को दूर से नियंत्रित किया जा सकता है। इससे जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से पहले वहां के हालात समझने में मदद मिल सकती है। वहीं नेरवा स्कूल में तैनात जीव विज्ञान की प्रवक्ता ममता तेगटा ने बताया कि विक्रांत एक असाधारण प्रतिभाशाली छात्र हैं। उन्होंने जिला स्तर पर पहला स्थान हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया है। उम्मीद है कि वह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी बेहतर प्रदर्शन कर स्कूल और जिले का नाम रोशन करेंगे।



बाद में किया मॉडल में बदलाव
विक्रांत ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने आग बुझाने के लिए फायर फाइटर रोबोट बनाया था। इसमें कैमरा, मोटर और पानी का पंप लगाया गया था। बाद में उन्होंने सोचा कि यदि इसमें अलग-अलग सेंसर जोड़ दिए जाएं तो यह आग बुझाने के साथ आसपास के वातावरण की जानकारी भी जुटा सकता है। इसके बाद उन्होंने पुराने रोबोट में बदलाव कर इसे हिमालयन डिजास्टर गार्जियन रोवर का रूप दिया। उन्होंने बताया कि इस रोबोट में तापमान, नमी, बारिश, गैस, धुएं, आग और कंपन का पता लगाने के लिए अलग-अलग सेंसर लगाए हैं। इसमें कैमरा और जीपीएस की सुविधा भी है। सेंसर से मिलने वाली जानकारी स्क्रीन पर देखी जा सकती है और इसे मेमोरी कार्ड में रिकॉर्ड भी किया जा सकता है। किसी असामान्य स्थिति का संकेत मिलने पर बजर या एलईडी के माध्यम से चेतावनी दी जा सकती है।
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