Himachal News: नीरज भारती का इस्तीफा मंजूर, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष पद से हुई विदाई
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने नीरज भारती का प्रदेश उपाध्यक्ष पद से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। संगठन और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने के बाद उनका इस्तीफा राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ था। पढ़ें पूरी खबर...
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पूर्व सीपीएस नीरज भारती का कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष पद से दिया गया इस्तीफा आखिरकार मंजूर हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आधिकारिक तौर पर उनके इस्तीफे को स्वीकार करते हुए उपाध्यक्ष पद पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव विनोद जिंटा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने नीरज भारती का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इससे पहले नीरज भारती ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए राज्य सरकार और संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।
नीरज भारती ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा था कि यह फैसला लेना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि उन्होंने हमेशा पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में काम किया और कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में मेहनती और संघर्षशील कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा हुई, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच निराशा का माहौल बना।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में सरकार और संगठन को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद नीरज भारती को जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। अब इस्तीफा मंजूर होने के साथ ही कांग्रेस उपाध्यक्ष पद पर उनका अध्याय औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। नीरज भारती के इस्तीफे की स्वीकृति को प्रदेश कांग्रेस के भीतर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है और आने वाले समय में इसके राजनीतिक मायनों को लेकर चर्चाएं और तेज होने की संभावना है।
नीरज भारती ही नहीं, पूरे ओबीसी वर्ग के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार : चौधरी
ओबीसी कल्याण मंडल के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल स्वरूप कोहली और घृत वाहती चाहंग महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्रीकंठ चौधरी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की सुक्खू सरकार ओबीसी वर्ग के प्रति संवेदनहीन रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि केवल नीरज भारती ही नहीं, बल्कि पूरे ओबीसी समाज के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्नल स्वरूप कोहली के नेतृत्व में पिछले साढ़े तीन वर्षों से ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को विभिन्न संवैधानिक मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपते रहे हैं। बजट सत्र के दौरान कृषि मंत्री के नेतृत्व में कर्नल स्वरूप कोहली, श्रीकंठ चौधरी, डॉ. रमेश कौंडल, राजिंद्र कुमार, रमेश चंद, कर्नल दीप सहित अन्य प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ओबीसी वर्ग की मांगें रखी थीं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया था। वहीं कृषि मंत्री ने भी 93वें संविधान संशोधन सहित अन्य लंबित मांगों को लागू करने के संबंध में दो बार पत्र लिखकर ओबीसी वर्ग को सामाजिक न्याय दिलाने की पैरवी की थी। इसके बावजूद आज तक किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से नीरज भारती का इस्तीफा भी ओबीसी समाज की उपेक्षा और उनकी आवाज को अनसुना किए जाने का परिणाम है।