{"_id":"5bd1c546bdec22699f126418","slug":"need-to-pursue-swami-dayanand-s-mission-acharya-devvrat","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वामी दयानंद के मिशन को आगे बढ़ाने की जरूरत : आचार्य देवव्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वामी दयानंद के मिशन को आगे बढ़ाने की जरूरत : आचार्य देवव्रत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 25 Oct 2018 08:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि समाज को स्वामी दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं का अनुसरण करने की आवश्यकता हैं, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा के अधिकार और समाज की बेहतरी के लिए वैदिक संस्कृति को बढ़ावा दिया।
विज्ञापन
राज्यपाल ने वीरवार को नई दिल्ली के रोहिणी में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन के दौरान यह बात कही। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया।
विज्ञापन
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी दयानंद ने समाज में प्रचलित कई सामाजिक बुराइयों का विरोध किया और उनका शिक्षा, विशेष तौर पर कन्या शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद से प्रेरणा लेते हुए डीएवी और गुरुकुल के माध्यम से आर्य समाज अभी भी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। समाज में मानवता का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां स्वामी ने चेतना का काम नहीं किया हो।
राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि इस महासम्मेलन के माध्यम से नए विचारों का सृजन होगा और वेदों को अपनाकर मूल्य आधारित जीवन बनाया जा सकता है।