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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   National green tribunal impose a penalty of 20 lakh rupee in illegal tree felling case tara devi shimla.

तारादेवी अवैध कटानः मालिक को भारी जुर्माना

Fri, 09 Jan 2015 09:38 AM IST
Updated Fri, 09 Jan 2015 09:38 AM IST
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National green tribunal impose a penalty of 20 lakh rupee in illegal tree felling case tara devi shimla.

तारा देवी मंदिर के पास लगभग 477 पेड़ों के अवैध कटान के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भूमि मालकिन को बीस लाख रुपये का हर्जाना ठोंका है। भूमि मालकिन परमिंदर कौर को हर्जाने की यह राशि एक सप्ताह के भीतर वन विभाग के पास जमा करवानी पड़ेगी।

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ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने 477 पेड़ों के अवैध कटान से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए इसी भूमि और इसके आसपास की भूमि पर 4700 नए पेड़ लगाने के आदेश भी पारित किए। अदालत ने डीएफओ शिमला को आदेश दिए हैं कि वह आगामी सुनवाई के दौरान 4700 नए पेड़ लगाने के बारे में विस्तृत प्लान पेश करे।

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पेड़ों को लगाने का खर्च भी भूमि मालिक देगा

National green tribunal impose a penalty of 20 lakh rupee in illegal tree felling case tara devi shimla.

अदालत ने अपने आदेशों में पारित किया कि नए पेड़ों को लगाने का पूरा खर्चा भूमि के मालिक से वसूला जाएगा। राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले में पुलिस ने 21 नवंबर को भारतीय दंड संहिता की धारा 447 और वन अधिनियम की धारा 30 और  33 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और 87.5 घन मीटर लकड़ी बरामद की है।

अदालत को बताया गया कि बाकी लकड़ी की बरामदगी के बारे में जांच चल रही है, जिस पर अदालत ने हैरानी जताते हुए इस मामले में हुई जांच की प्रगति रिपोर्ट और अन्य आवश्यक तथ्यों को अदालत के समक्ष बताने के लिए एसपी शिमला को 9 जनवरी 2015 के लिए तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि 477 पेड़ों के काटने से पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ है।

कहा, सही सलामत थे पेड़

National green tribunal impose a penalty of 20 lakh rupee in illegal tree felling case tara devi shimla.

अदालत ने इस मामले पर फैसला करने के लिए भूमि मालकिन परमिंदर कौर के बयान भी दर्ज किए हैं। अपने बयान में कौर ने कहा कि उसने 12 सितंबर 2014 को प्रिंसटाइन होटल एवं रिजार्ट के निदेशक अमरीक सिंह नागपाल के साथ 38.5 बीघा भूमि बेचने का करार 16 करोड़ रुपये में किया था।

कौर ने इस भूमि को बेचने के लिए पेशगी के तौर पर 3 करोड़ रुपये लिए थे और प्रिंसटाइन होटल एवं रिजार्ट के निदेशक अमरीक सिंह नागपाल ने भूमि की रजिस्ट्री 21 मई 2015 तक करवाने के लिए प्रवीण शर्मा को बतौर मैनेजर नियुक्त किया था। कौर ने बयान दिया कि 14 सितंबर 2014 को वह गुडगांव चली गई थी और उस समय उक्त भूमि पर पेड़ सही सलामत थे।

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पेड़ों को काटने में मेरी कोई भूमिका नहीं

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उसे जब दिसंबर के पहले सप्ताह में जांच में सहयोग देने के लिए बुलाया गया तो पेड़ कटे हुए थे। कौर ने अदालत को बताया कि वह पेड़ों के कटान से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए तैयार है। कौर ने अदालत को बताया कि पेड़ों को काटने में न तो उसका हाथ है और न ही उसकी कोई ऐसी मंशा थी।

अदालत ने कौर के बयान दर्ज करने के बाद प्रिंसटाइन होटल एवं रिजार्ट के निदेशक अमरीक सिंह नागपाल और प्रवीण शर्मा को नोटिस जारी किया है और संबंधित एसएचओ को आदेश दिए हैं कि वह नागपाल और प्रवीण शर्मा की उपस्थिति 19 जनवरी 2015 को दिल्ली बैंच में सुनिश्चित करे।

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