रोहतांग मामला: एनजीटी ने टैक्सी ऑपरेटरों को दी बड़ी राहत
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मनाली से रोहतांग दर्रे के बीच सेवाएं देने वाले टैक्सी व लक्जरी वाहन ऑपरेटरों को आंशिक राहत देते हुए पर्यावरण क्षतिपूर्ति कर पर रोक लगा दी है। हालांकि, एनजीटी ने इस खूबसूरत दर्रे के लिए प्रतिदिन 1000 वाहनों की सीमा में कोई छूट देने से इनकार कर दिया है।
मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘ट्रिब्यूनल के पांच मई के आदेश के खंड (एफ) जिसमें कहा गया है कि रोहतांग दर्रे में पर्यटन के उद्देश्य से प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन को पर्यावरण क्षतिपूर्ति चुकानी होगी। पेट्रोल वाहनों के लिए यह 1000 रुपये होगा जबकि डीजल वाहनों को 2500 रुपये चुकाने होंगे।
इसके अलावा खंड (जी) जिसमें कहा गया है कि वे वाहन जो छह से अधिक सवारियां ले जाएंगे, उन्हें 5000 रुपये का पर्यावरण मुआवजा देना होगा। इन दोनों पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई जाती है।’
वाहनों की संख्या बढ़ाने से इंकार
मामले की अगली सुनवाई आठ जून को होगी। हालांकि, बेंच ने 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस दर्रे में प्रवेश के लिए वाहनों की संख्या 1,000 प्रतिदिन से बढ़ाकर 2,000 करने से इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने वाले अतिरिक्त एडवोकेट जनरल सूर्य नारायण सिंह ने कहा कि पर्यटन सीजन होने के कारण इस समय बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली आते हैं।
कम से कम इस सीजन के लिए यह लिमिट 1,000 वाहन से बढ़ाकर 2,000 वाहन प्रतिदिन कर दी जानी चाहिए। हालांकि, बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि अगर जरूरी हुआ तो वह मुख्य याचिका का निपटारा होने तक सिर्फ अंतरिम राहत दे सकती है।
मनाली में न टैक्सियां चलीं न दुकानें खुलीं, शाम को हड़ताल खत्म
रोहतांग पर एनजीटी के फैसले के विरोध में शुक्रवार को हिम आंचल टैक्सी यूनियन मनाली के ऑपरेटर हड़ताल पर रहे। यूनियन के आह्वान पर मनाली में पूर्ण बंद रहा। दुकानदारों ने सुबह से ही दुकानें नहीं खोलीं।
नेहरू पार्क स्थित मनु रंगशाला में टैक्सी ऑपरेटरों और व्यापारियों ने मुंह में काली पट्टियां बांधकर एनजीटी के फैसले का शांतिपूर्वक विरोध किया। उसके पश्चात सभी मनाली के माल पर आकर धरने पर बैठ गए।
हमीरपुर, डलहौजी के अलावा मंडी और शिमला में भी टैक्सी यूनियनों ने आंशिक रूप से समर्थन किया। उधर, दिल्ली में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क पर लगाई रोक 8 जून तक हटाने के बाद मनाली टैक्सी यूनियन ने हड़ताल वापस ले ली है।
इस अवधि तक रोहतांग जाने वाले वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। हिम आंचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के महासचिव मकर ध्वज शर्मा ने हड़ताल वापस लेने की पुष्टि की है।