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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर एमसी की बैठक में हंगामा

Thu, 27 Aug 2015 11:04 AM IST
Updated Thu, 27 Aug 2015 11:04 AM IST
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municipal corporation shimla monthly meeting.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शिमला शहर के बाहर होने के मुद्दे पर नगर निगम की मासिक बैठक में बुधवार को जमकर बवाल हुआ। नगर निगम के कांग्रेसी पार्षदों ने शहर के प्रोजेक्ट से बाहर होने के लिए निगम प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इस पर हाउस की अध्यक्षता कर रहे निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पर सरकार ने शिमला के लोगों के साथ फ्रॉड किया है।

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तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर शिमला के लोगों का हक छीना है। टिकेंद्र ने कहा कि इस मुद्दे को वह हाईकोर्ट तक लेकर जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से कमेटी गठित की गई थी। नगर निगम के मेयर और कमिश्नर को इस कमेटी का सदस्य बनाया था। बावजूद इसके प्रोजेक्ट से संबंधित बैठकों में मेयर और कमिश्नर को नहीं बुलाया गया।
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उधर निगम पार्षद सुशांत कपरेट ने निगम प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस दिन स्मार्ट सिटी का चयन होना था उस दिन नगर निगम हाउस में प्रोजेक्ट का प्रस्ताव लाया गया। नगर निगम को सरकार की ओर से प्रोजेक्ट लांच होने के तीन दिन बाद भी पत्र मिल चुका था।
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डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि कांग्रेसी पार्षद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश सरकार के उस फैसले का समर्थन कर रहे हैं जो शिमला शहर की आम जनता के हितों के खिलाफ है। इस पर नगर निगम के कांग्रेसी पार्षद सुरेंद्र चौहान, शशि शेखर और नरेंद्र ठाकुर भड़क गए और दोनों पक्षों के बीत तीखी नोंकझोंक हुई।

राजनीति कर रहे हैं कामरेड और कांग्रेसी-
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर हाउस में हुए हंगामे को भाजपा पार्षद शैलेंद्र चौहान ने ड्रामेबाजी करार दिया। शैलेंद्र का कहना है कि कामरेड और कांग्रेसी इस मुद्दे पर कोरी राजनीति कर रहे हैं। समय रहते न तो कांग्रेसी पार्षदों ने और न ही निगम प्रशासन ने इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाई। कांग्रेस सरकार ने शिमला के लोगों का हक छिना है।

पहले जमीन पर धरना, फिर संभाल ली कुर्सी

municipal corporation shimla monthly meeting.

सीवरेज सेस के मुद्दे पर चम्याणा वार्ड से नगर निगम के पार्षद नरेंद्र ठाकुर अपनी कुर्सी छोड़ धरना देने के लिए जमीन पर बैठ गए। डिप्टी मेयर ने हाउस दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया। हाउस दोबारा शुरू हुआ तो पार्षद जमीन पर बैठने की जगह अपनी कुर्सी पर बैठ गए और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर हो रही चर्चा में भाग लिया। पार्षद से जब उनकी प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्होंने बताया कि डिप्टी मेयर के आग्रह पर वह जमीन से उठकर कुर्सी पर बैठे थे। उधर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर नगर निगम की बैठक में जमकर हंगामा भी हुआ।

शहर में चोरी हो रही सोलर लाइट की बैटरियां-
हाउस में पार्षदों ने सोलर लाइटों की बैटरियां चोरी होने का मुद्दा उठाया। निगम पार्षद रजनी, सुषमा कुठियाला और ऊषा लखनपाल ने बताया कि कुछ जगहों में बैटरियां चोरी हो गई हैं कुछ जगह पोल गिर गए हैं। पांच साल की गारंटी के बावजूद कई वार्डों में सोलर लाइटें जलनी ही बंद हो गई हैं।

सुलभ शौचालयों में सफाई नहीं-
कांट्रेक्ट खत्म होने से शहर में सुलभ इंटरनेशनल ने शौचालयों के रख रखाव और साफ सफाई का काम बंद कर दिया है। शौचालयों में गंदगी के कारण शहर के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बावजूद इसके सुलभ की कमाई जारी है। हाउस के दौरान निगम पार्षद सत्या कौंडल ने बताया कि शौचालयों पर बड़े बड़े होर्डिंग लगा कर सुलभ कमाई कर रहा है। शौचालयों का रखरखाव कैसे हो इसे लेकर नीति बनाने को कमेटी गठित की गई है।

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