नई मेयर से अमर उजाला की खास बातचीत, शहर को मिलेगा ये सब
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नगर निगम शिमला की नई मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि शिमला शहर के हर नागरिक को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध करवाना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। मंगलवार को मेयर चुने जाने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू हुई मेयर कुसुम सदरेट ने कहा जलसंकट की समस्या को दूर किया जाएगा।
शहर में पानी की नियमित सप्लाई देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। कहा कि पार्किंग की कमी शहर में विकराल रूप धारण कर चुकी है। हल निकालने के लिए सभी वार्डों में पार्किंग के लिए नए स्थान तलाशे जाएंगे। शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाया जाएगा। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत वार्डों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
शहर की सुंदरता को बनाए रखने के लिए किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। मेयर ने कहा कि निगम चुनाव के लिए भाजपा की ओर से तैयार किए गए संकल्प पत्र को पूरा किया जाएगा। कुसुम सदरेट ने अपनी जीत का श्रेय भाजपा कार्यकर्ताओं को दिया है।
24 घंटे लोगों की सेवा को तत्पर रहूंगा: राकेश
नगर निगम के नए डिप्टी मेयर राकेश कुमार शर्मा का कहना है कि मैं 24 घंटे शहर की जनता की सेवा को तत्पर रहूंगा। पूरे शहर का विकास बिना भेदभाव के किया जाएगा। मंगलवार को डिप्टी मेयर चुने जाने के बाद मीडिया से बातचीत में राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने बड़े ओहदे पर पहुंच जाऊंगा।
भाजपा से लंबे समय से जुड़ा हूं। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के चलते आजाद चुनाव लड़ने का फैसला लिया। कहा कि मैं पहले भी भाजपाई था और हमेशा भाजपाई ही रहूंगा। चुनाव जीतने के बाद मैं पार्टी मुख्यालय गया और पार्टी नेताओं से मुलाकात कर अपना समर्थन दिया।
मैं पार्षद शैलेंद्र चौहान, संजीव ठाकुर और सत्या कौंडल का विशेष आभारी हूं जिन्होंने अपनी वरिष्ठता को दरकिनार कर मुझे डिप्टी मेयर बनाया। सबका साथ सबका विकास मेरा नारा है। पार्टी के शीर्ष नेताओं के मार्गदर्शन से शहर के विकास के लिए काम करूंगा। जीत के लिए पंथाघाटी वार्ड की जनता और भाजपा नेतृत्व का आभार जताया।
नगर निगम की 13वीं मेयर बनी कुसुम सदरेट
अनाडेल वार्ड से जीती कुसुम सदरेट नगर निगम शिमला की 13वीं मेयर बन गई हैं। इनसे पहले नगर निगम में 11 मेयर कांग्रेस और एक मेयर माकपा से रह चुके हैं। आदर्श कुमार सूद तीन बार, जैनी प्रेम दो बार, मनोज कुमार दो बार, सोहन लाल दो बार नगर निगम शिमला के मेयर के पद पर रह चुके हैं। आदर्श कुमार 1986 से 1988, 1988 से 1992 और 1992 से 1996 तक मेयर रहे। जैनी प्रेम 19 सितंबर 1996 से 17 अक्तूबर 1996 तक कार्यकारी मेयर रहे।
मनोज कुमार 1996 से 1997 और 1997 से 1999 तक मेयर पद पर रहे। जैनी प्रेमी 1999 से 2002 तक मेयर रहीं। सोहन लाल 2002 से 2004 और 2004 से 2007 तक मेयर रहे। नरेंद्र कटारिया ने 2007 से 2009 तक मेयर पद संभाला। मधु सूद 2009 से 2012 तक मेयर रहीं। 2012 में पहली बार मेयर का चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर हुआ। इसमें माकपा के संजय चौहान ने बाजी मारी। वह 2012 से 2017 तक मेयर रहे।
वहीं पंथाघाटी वार्ड से जीते राकेश कुमार शर्मा नगर निगम के 12वें डिप्टी मेयर बने हैं। इससे पूर्व एनएस ठाकुर 1986 से 1988, शिव डोगरा 1988 से 1992, कमल वालिया 1992 से 1993 तक डिप्टी मेयर रहे। वहीं जैनी प्रेम 1993 से 1997 तक, डीएस वर्मा 1997 से 1999, शशि शेखर चीनू 1999 से 2002, एनके मेहता 2002 से 2004, शशि शेखर चीनू 2004 से 2007, हरीश जनारथा 2007 से 2009 और 2009 से 2012 तक डिप्टी मेयर रहे। 2012 में प्रत्यक्ष तौर पर चुनाव हुए और माकपा के टिकेंद्र पंवर डिप्टी मेयर बने। वह 2012 से 2017 तक डिप्टी मेयर पद पर रहे।
कुमारसैन की बेटी बनी शिमला की मेयर
कुमारसैन की बेटी नगर निगम शिमला में मेयर बनी हैं। कुसुम सदरेट जंजैहली पंचायत के गांव आहर की रहने वाली हैं। मेयर बनने से कुमारसैन भाजपाइयों में खुशी की लहर है। आहर के दिवंगत काशी राम और पदमा देवी की बेटी कुसुम सदरेट ने मेयर बन क्षेत्र का नाम रोशन किया है। काशी की तीन बेटियों में कुसुम सबसे बड़ी है। भाई राहुल बागवान हैं।
नगर निगम शिमला पर पहली बार भाजपा का कब्जा
आखिरकार नगर निगम शिमला पर पहली बार कब्जा कर भाजपा ने इतिहास रच ही दिया। मंगलवार को मेयर और डिप्टी मेयर के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच गुप्त मतदान हुआ। मेयर पद पर कुसुम सदरेट, डिप्टी मेयर पद पर भाजपा में शामिल हुए निर्दलीय राकेश शर्मा की जीत हुई। मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग और माकपा प्रत्याशी के सदन से गैरहाजिर रहने से कांग्रेस को दोहरा झटका लगा। कांग्रेस खेमे के एक पार्षद ने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोट किया।
मेयर पद पर भाजपा को 19 जबकि कांग्रेस को 13 मत मिले। एक वोट अवैध घोषित किया गया। डिप्टी मेयर के लिए भाजपा को 20 और कांग्रेस को 13 मत मिले। बचत भवन में हुए चुनाव के लिए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बना रखी थी। सुबह 10:30 बजे कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह और पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा की अगुवाई में कांग्रेस समर्थित पार्षद पहुंचे। इसके बाद भाजपाइयों की सुरक्षा के बीच उनके 19 पार्षद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, विधायक राजीव
बिंदल, स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज के साथ पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने सभी रास्तों पर पहरा लगा दिया, मुख्य गेट से ही आवाजाही रखी। इस गेट के भीतर निर्वाचित पार्षदों और कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों को ही आने की इजाजत थी। कांग्रेस और भाजपा समर्थकों को गेट के भीतर नहीं आने दिया गया। हालांकि, भाजपा के आला नेताओं को भीतर आने दिया गया।
वरिष्ठता दरकिनार कर बनाया डिप्टी मेयर
इस बार मेयर पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। डिप्टी मेयर पद भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़कर जीतने वाले राकेश शर्मा को मिला। बागी होने के बाद इन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था।
लेकिन चुनाव जीतने पर इन्हें सम्मान जनक तरीके से पार्टी में वापस ले लिया था। भाजपा ने डिप्टी मेयर पद पर वरिष्ठता को दरकिनार कर पहली बार पार्षद जीतकर आए राकेश शर्मा को डिप्टी मेयर बनाया।
जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर पटाखे छोड़े। इसके बाद निर्वाचित मेयर, डिप्टी मेयर, पार्षदों और समर्थकों ने लोअर बाजार से होते हुए नॉज, शेरे पंजाब तक ढोल-नगाड़ों के साथ रैली निकाली।
कांग्रेस ने उतारे थे सिमी नंदा और आनंद कौशल
नगर निगम के कार्यकाल के पहले ढाई साल में मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रखा गया है। जबकि अगले ढाई साल का कार्यकाल अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। अनुसूचित जनजाति से पार्षद नहीं मिलने की स्थिति में सामान्य वर्ग के पार्षद को मौका मिल सकता है। ऐसे में कुसुम सदरेट ढाई साल के लिए मेयर बनी हैं। दिसंबर 2019 में नगर निगम को नया मेयर मिलेगा।
सदन की कार्यवाही 11 बजे शुरू हुई। भाजपा की ओर से मेयर पद के लिए कुसुम सदरेट और डिप्टी मेयर के लिए राकेश शर्मा के नाम की प्रस्तावना की गई। कांग्रेस ने अपने पैनल में मेयर पद पर सिमी नंदा और डिप्टी मेयर पद पर आनंद कौशल का नाम दिया। पहले मेयर और उसके बाद डिप्टी मेयर के लिए वोटिंग हुई। चुनाव प्रक्रिया में माकपा समर्थित पार्षद के शामिल न होने की वजह से केवल 33 पार्षदों ने ही मत का इस्तेमाल किया।
मेयर, डिप्टी मेयर को कंधों पर उठाकर मनाया जश्न
बचत भवन में मेयर, डिप्टी मेयर पद के लिए हुई वोटिंग का नतीजा निकलते ही उपायुक्त कार्यालय परिसर में ढोल नगाड़ों पर पहाड़ी गीतों की धुनों पर जमकर नाटी का दौर चला। मेयर, डिप्टी मेयर और भाजपा पार्षदों के बचत भवन से निकलते ही कार्यकर्ता खुशी में झूम उठे। करीब एक घंटे तक चले जश्न में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे भी फोड़े। नगर निगम में भाजपा पहली बार काबिज हुई है।
दोपहर 1:10 बजे पर मेयर कुसुम सदरेट और डिप्टी मेयर राकेश सदरेट सहित चुनाव प्रभारी राजीव बिंदल, शहरी विधायक सुरेश भारद्वाज, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, कांग्रेस खेमे से भाजपा में शामिल हुए पार्षद संजय परमार और कृष्णानगर पार्षद बिट्टु पाना को कंधों पर उठाकर कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।
कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम..., नगर निगम हमारी है, अब प्रदेश की बारी है..., हमारा मेयर कैसा हो-कुसुम सदरेट जैसी हो..., मोदी जी को जय श्रीराम जैसे नारे लगाकर कार्यकर्ताओं की भीड़ सीटीओ की ओर रवाना हुई। यहां से लोअर बाजार से विजय जुलूस शेरे पंजाब तक पहुंचा। यहां पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मौजूद जनसमूह और आम जनता को संबोधित किया।