नगर निगम बजट में 'आम' लोगों के लिए नहीं कुछ 'खास'
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मेयर संजय चौहान ने अपने कार्यकाल का चौथा वार्षिक बजट पेश किया। आम आदमी को कहीं न कहीं निराश करने वाला यह बजट 215 करोड़ का है। 215 करोड़ के इस बजट में न तो शहर के लोगों पर टैक्स का बोझ डाला गया और न ही कोई बड़ी राहत दी गई। हैरान करने वाली बात यह है कि एमसी ने अपनी आय को बढ़ाने के लिए बजट में किसी योजना का उल्लेख नहीं किया।
केंद्र पोषित योजनाओं के बलबूते विकास की बयार के दावे जरूर किए गए। पेयजल और सीवरेज बेशक बजट के मुख्य बिंदू हैं, लेकिन इसके लिए एमसी पूरी तरह से केंद्र पर निर्भर है। इन दोनों चीजों को छोड़ दें तो आम आदमी के लिए इस बजट में कुछ खास नहीं। लावारिस कुत्तों के अलावा बंदरों की समस्या का बजट में जिक्र तक नहीं।
वार्ड स्तर पर नई पार्किंगें बनाने, युवाओं के लिए खेल मैदान बनाने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पार्क और रीडिंग रूम बनाने के लिए भी बजट का प्रावधान नहीं किया गया। हालांकि, निगम कर्मियों के आवासों, सड़क और रास्तों के रखरखाव और लेबर हॉस्टल के लिए बजट का प्रावधान जरूर किया गया। बजट भाषण में मेयर संजय चौहान ने मुख्यमंत्री से राजधानी के लिए चांशल का पानी उपलब्ध करवाने की मांग एक बार फिर से उठाई।
नगर निगम के वर्ष 2016-17 के बजट में शहर में पानी और सीवरेज नेटवर्क सुधारने पर जोर दिया गया। अमृत मिशन के तहत पहले वर्ष के लिए मिलने वाले 52.94 करोड़ रुपये पानी और सीवरेज नेटवर्क पर खर्च करने का एलान किया गया। नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय के साधन बढ़ाने को बजट में किसी योजना का जिक्र तक नहीं किया गया लेकिन सरकार से 100 करोड़ रुपये कैपिटल ग्रांट की मांग जरूर उठाई।
अच्छे दिन के वादे....
•2.45 करोड़ सड़क और रास्तों पर किए जाएंगे खर्च
•निगम कर्मचारी आवासों पर खर्च होंगे 2 करोड़ 26 लाख
•लेबर हॉस्टल पर खर्च किए जाएंगे 80 लाख
•वार्ड कार्यालयों के निर्माण पर खर्च होंगे 25 लाख
•महिला और पुरूषों के लिए ई-शौचालय पर खर्च होंगे 18 लाख
•वनस्पति, जीव और ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण पर खर्च होंगे 2 लाख
•शहर में पांच लाख से लगाए जाएंगे 50 नए वेस्टबिन
•भवनों के नक्शे आनलाइन पास करने की सुविधा होगी शुरू
•ऑनलाइन जारी किए जाएंगे जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र
•पानी का बिल और हाउस टैक्स भी ऑनलाइन होगा जमा
•सर्कुलर रोड पर 580 गाड़ियों के लिए चिन्हित होगी येलो लाइन पार्किंग
-इन मुद्दों पर नहीं नगर निगम की कोई ठोस योजना
आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या हल करने को कोई योजना नहीं
वार्ड स्तर पर पार्किंगों के निर्माण को बजट का प्रावधान नहीं
बच्चों और युवाओं के खेल मैदान को कोई घोषणा नहीं
वार्ड स्तर पर पार्कों के निर्माण के लिए कोई योजना नहीं
नालों की चैनलाइजेशन के लिए बजट प्रावधान नहीं
सीवरेज लाइनों के रखरखाव के लिए भर्ती होंगे 25 लाइनमैन- बजट के दौरान मेयर संजय चौहान ने कहा कि पीलिया जैसी बीमारी से निपटने के लिए सीवरेज लाइनों की मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए एमसी की ओर से 25 लाइनमैंनों की तैनाती की जाएगी।
न वाईफाई नेटर्वक मिला, न दौड़ी पिंक टैक्सी
नगर निगम ने 2015-16 के बजट में शहर में सार्वजनिक स्थानों पर वाई-फाई नेटवर्क शुरू करने और महिलाओं और बुजुर्गों के लिए पिंक टैक्सी चलाने की घोषणा की थी। दोनों ही घोषणाएं हवाई साबित हुई। पिछले साल के बजट में जहां इन घोषणाओं को प्राथमिकता दी गई थी वहीं इस बार के बजट में यह पब्लिक से जुड़े यह मुद्दे गायब हो गए।
इतना ही नहीं नहीं आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या से जूझ रहे शहर के लोगों को राहत देने के लिए बजट मेंकोई प्रावधान नहीं किया गया। पिछले साल हाउस में वार्ड कमेटियों के गठन को अनिवार्य कर दिया गया था लेकिन कमेटियां गठित नहीं हुई। इस बार यह मुद्दा गौण हो गया।
बिजली की तर्ज पर सभी परिवारों को पानी कनेक्शन अब तक नहीं दिए जा सके। युवाओं और छात्रों के लिए 4 खेल मैदान और बैडमिंटन कोर्ट बनाने का वादा भी अधूरा रह गया। रिज मैदान को भूस्खलन से बचाने के लिए बहुउद्देशीय परिसर बनाने का वादा पूरा नहीं हुआ।
ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट के तहत ऑनलाइन सुविधा भी शुरू नहीं हो पाई। हालांकि बजट में किए वादों के अनुसार रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास फुवारे लगा दिए गए हैं। बेकरी भवन की जगह व्यवसायिक परिसर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लिफ्ट और छोटा शिमला कार पार्किंग का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
आंकड़ों का मायाजाल
अनुमानित आय=====181 करोड़ 96 लाख
अनुमानित व्यय=====215 करोड़ 17 लाख
अनुमानित घाटा=====332 करोड़
2015-16 का ओपनिंग बैलेंस===4943 लाख
बजट अनुमानों का शीर्षवार विवरण
मद===========2015-16===2016-17 (राशि लाखों में)
राजस्व आय=====2202=====1502
राजस्व व्यय=====5093=====5719
पूंजीगत आय====7277=====8131
पूंजीगत व्यय====1103=====2816
विकासात्मक गतिविधियों के लिए बजट अनुमान
सड़क, रेलिंग, डंगे, सीढ़ियां, रास्ते==880 (राशि लाखों में)
स्ट्रीट लाइट==================70
भवन, आवास, शापिंग कांप्लेक्स===1230
पार्किंग======================110
नालों की मरम्मत===============120
पानी की लाइनें================176
सीवरेज लाइनें=================135
शौचालय====================100
पार्क, ग्राउंड==================209
लेबर हास्टल=================10
डंपिंग साइट=================375
सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट==========315
नागरिक सुविधाएं=============600
ई- गवर्नेंस प्रोजेक्ट============266.65
राजीव आवास योजना=========1067
तहबाजारी विस्थापन==========300
अमृत योजना===============5200.94
कुल=====================11164
बजट भाषण पर हंगामा, बीजेपी का वाकआउट
बजट भाषण में पीलिया की अनदेखी पर बुधवार को बीजेपी पार्षदों ने विधायक सुरेश भारद्वाज की अगुवाई में सदन से वाकआउट कर दिया। मेयर संजय चौहान ने 11:15 मिनट पर बजट भाषण शुरू किया। करीब पांच मिनट बाद विधायक सुरेश भारद्वाज ने मेयर को रोकते हुए पूछा कि बजट भाषण में पीलिया जैसे गंभीर मुद्दे का जिक्र क्यों नहीं है?
मेयर ने जवाब दिया, ‘आप पूरा भाषण सुन लें उसके बाद अपनी बात कहें’। डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि भाषण में आगे पीलिया का भी जिक्र है। इसके बाद बीजेपी पार्षदों ने अपनी सीटों पर खड़े हो कर नारेबाजी शुरू कर दी। शोर होता रहा और मेयर भाषण देते रहे।
इसके बाद विधायक के साथ भाजपा पार्षद जमीन पर बैठ गए और करीब दस मिनट नारेबाजी की। जब मेयर ने अपना भाषण नहीं रोका तो विधायक और पार्षदों ने बैठक से वाकआउट कर दिया। विधायक सुरेश भारद्वाज ने बताया कि पीलिया के कारण शहर में लोगों की जानें गई हैं, हजारों लोग बीमार हुए हैं बावजूद इसके इस मुद्दे को बजट में गंभीरता से नहीं लिया गया है।
डिप्टी मेयर ने लगाया नारा, ‘ठेकेदारों के दलाल नहीं चलेंगे- भाजपा पार्षदों की नारेबाजी के बीच मेयर संजय चौहान जहां लगातार बजट भाषण पढ़ते रहे वहीं दूसरी और डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर भाजपा पार्षदों की नारेबाजी का जवाब नारे लगा कर दे रहे थे। डिप्टी मेयर ने नारे लगाए, ‘ठेकेदारों के दलाल नहीं चलेंगे’, ‘शहर का विकास रोकने वाले नहीं चलेंगे’।
कांग्रेसी पार्षदों ने की निंदा- भाजपा पार्षदों की ओर से बजट बैठक के दौरान नारेबाजी करने और बैठक से वाकआउट करने की कांग्रेसी पार्षदों ने कड़ी निंदा की। पार्षद शशि शेखर चिन्नू ने कहा कि भाजपा पार्षदों को भाषण सुन कर चर्चा में भाग लेने के दौरान अपनी आपत्तियां रखनी चाहिए थी। पार्षद सुरेंद्र चौहान ने कहा कि पीलिया और नगर निगम के बजट पर राजनीति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पीलिया के मद्दे पर हमेशा लापरवाह रहने वाले बीजेपी के नेता राजनीतिक लाभ लेने के लिए ओच्छे हथकंडे अपना रहे हैं।
बजट पर पार्षदों की प्रतिक्रिया
बजट आंकड़ों का मायाजाल- नगर निगम का बजट पूरी तरह आंकड़ों का मायाजाल है। बजट में कुछ भी नया नहीं है। आय बढ़ाने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं लगाया गया है। हर वार्ड में पार्किंग का मुद्दा बार बार उठाने के बावजूद बजट में शामिल नहीं किया गया। ग्राउंड, पार्क और नालों की चैनलाइजेशन की अनदेखी गलत है। -सुरेंद्र चौहान, छोटा शिमला
टैक्स में बढ़ोतरी जरूरी- नगर निगम को टैक्स में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाना चाहिए था। निगम को आत्मनिर्भर बनाने और बेहतर भविष्य के लिए यह जरूरी है। टैक्स लगाना है या नहीं इसका फैसला बैठक में चर्चा के बाद लिया जा सकता था। नगर निगम एक बार फिर सरकार के रहमोकरम पर है। सरकारी ग्रांट से ही विकास होगा। -शशि शेखर चिन्नू, नाभा
बजट की घोषणाएं पूरी हों- बजट में की गई घोषणाएं पूरी होनी चाहिए। सूजी लाइन में निगम कर्मचारियों के लिए आवास बनाने की घोषणा तीन सालों से बजट में हो रही है लेकिन काम नहीं हुआ। महिलाओं के लिए सिलाई सेंटर की घोषणा बजट में होनी चाहिए थी। सीनियर सिटीजन की भी अनदेखी की गई है। -सुषमा कुठियाला, राम बाजार