जब सुप्रीम कोर्ट में अपीयर हुए थे अरुण जेटली, उतरी थीं झंडियां: मुकेश
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अच्छा वकील होने के नाते अरुण जेटली अच्छे वक्ता भी थे। हिमाचल में जब वीरभद्र सिंह की सरकार थी तो जेटली के हाथों उन्हें शिक्षा और विकास कार्यों में अव्वल पुरस्कार से नवाजा था।
जब हिमाचल में सीपीएस की नियुक्तियां हुईं, उस समय प्रदेश हाईकोर्ट से इन नियुक्तियों को गलत करार दिया। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। जेटली सुप्रीम कोर्ट में अपीयर हुए। उस समय जेटली ने कहा - बैक डोर एप्वाइंटमेंट है।
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ये संविधान के अनुरूप नहीं हैं तो मामला खारिज होगा। इससे उनकी झंडियां उतर गईं। कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अरुण जेटली की शादी जेएंडके में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गिरधारी लाल डोगरा की बेटी से हुई।
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उन्होंने जेटली और पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली के बीच बातचीत को सदन में रखा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जेटली सभी दलों को सम्मान देते थे। 1975 में आपातकाल के दौरान वह 19 महीने के लिए जेल गए।
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उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारिणी का पद तक ठुकराकर एबीवीपी में रहना उचित समझा। उनका जाना पार्टी ही नहीं, देश का नुकसान है। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल, परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर और माकपा नेता ने भी शोकोद्गार में अपने आप को शामिल किया।
हिमाचल से बड़ा लगाव रखते थे जेटली : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व वित्त मंत्री अरुण कुमार जेटली हिमाचल से बड़ा लगाव रखते थे। जब पार्टी को लगता था कि कोई मसला हल नहीं हो रहा है तो उस मामले को जेटली के पास ले जाया जाता था।
वह बड़े सरल स्वभाव से उसे समझाते थे। इसमें चाहे कोर्ट के मामले हों या फिर पार्टी से संबंधित मामले। सुप्रीम या हाईकोर्ट से जुड़ा कोई भी बड़ा मामला हो, सबसे पहले जेटली का नाम आगे आता था।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को पूर्व वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली के निधन पर विधानसभा में शोकोद्गार प्रस्ताव रखा। इसमें विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री से लेकर अन्य भाजपा नेताओं ने उनके कार्यों की सराहना की।
सीएम ने कहा कि वित्त मंत्री रहते हुए जेटली ने नोटबंदी, जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए। उनके निधन से भाजपा को ही नहीं बल्कि राष्ट्र को हानि हुई है।