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Shimla News: चमियाना में आईजीएमसी की दरों पर ही होंगे एमआरआई टेस्ट
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ईजीएमसी से आने वाले मरीजों को भी मिलेगी सुविधा
उद्घाटन के दिन ब्रेन और स्पाइन के किए पांच टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी (एआईएमएसएस) चमियाना में हाई-टेक एमआरआई मशीन शुरू होने के पहले ही दिन स्पाइन और ब्रेन के पांच मरीजों की जांच की गई। अस्पताल प्रशासन ने एमआरआई जांच के लिए वही शुल्क तय किया है, जो इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में लागू है। इसके तहत सिंगल टेस्ट के लिए 3,000 रुपये और मल्टीपल टेस्ट के लिए 5,500 रुपये लिए जाएंगे।
अस्पताल में एमआरआई मशीन शुरू होने से अब न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभागों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को परिसर में ही जांच की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को एमआरआई के लिए आईजीएमसी में एक महीने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उपचार भी समय पर शुरू हो सकेगा।
अस्पताल से प्रतिदिन औसतन आठ से दस मरीजों को एमआरआई जांच की जरूरत पड़ती है। अब तक अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण इन मरीजों को आईजीएमसी भेजा जाता था, जहां सरकारी दरों पर जांच के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ता था।
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आईजीएमसी के मरीज भी करवा सकेंगे जांच
अस्पताल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अपने मरीजों की जांच पूरी करने के बाद यदि क्षमता उपलब्ध रही तो आईजीएमसी से आने वाले मरीजों के एमआरआई भी निर्धारित सरकारी दरों पर किए जाएंगे। इससे आईजीएमसी में लंबित मरीजों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि चमियाना अस्पताल में आईजीएमसी की निर्धारित दरों पर एमआरआई जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से रेडियोलॉजी विभाग के कर्मचारियों को मशीन के संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अब प्रशिक्षित स्टाफ से मरीजों को नियमित रूप से एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।
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उद्घाटन के दिन ब्रेन और स्पाइन के किए पांच टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी (एआईएमएसएस) चमियाना में हाई-टेक एमआरआई मशीन शुरू होने के पहले ही दिन स्पाइन और ब्रेन के पांच मरीजों की जांच की गई। अस्पताल प्रशासन ने एमआरआई जांच के लिए वही शुल्क तय किया है, जो इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में लागू है। इसके तहत सिंगल टेस्ट के लिए 3,000 रुपये और मल्टीपल टेस्ट के लिए 5,500 रुपये लिए जाएंगे।
अस्पताल में एमआरआई मशीन शुरू होने से अब न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभागों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को परिसर में ही जांच की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को एमआरआई के लिए आईजीएमसी में एक महीने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उपचार भी समय पर शुरू हो सकेगा।
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अस्पताल से प्रतिदिन औसतन आठ से दस मरीजों को एमआरआई जांच की जरूरत पड़ती है। अब तक अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण इन मरीजों को आईजीएमसी भेजा जाता था, जहां सरकारी दरों पर जांच के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ता था।
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आईजीएमसी के मरीज भी करवा सकेंगे जांच
अस्पताल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अपने मरीजों की जांच पूरी करने के बाद यदि क्षमता उपलब्ध रही तो आईजीएमसी से आने वाले मरीजों के एमआरआई भी निर्धारित सरकारी दरों पर किए जाएंगे। इससे आईजीएमसी में लंबित मरीजों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि चमियाना अस्पताल में आईजीएमसी की निर्धारित दरों पर एमआरआई जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से रेडियोलॉजी विभाग के कर्मचारियों को मशीन के संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अब प्रशिक्षित स्टाफ से मरीजों को नियमित रूप से एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।