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बेनामी नहीं कुफरी में सांसद केडी सिंह की संपत्ति!
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 18 Sep 2016 12:01 PM IST
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कुफरी में सांसद केडी सिंह की बेनामी संपत्ति नहीं है। ये रिपोर्ट हिमाचल सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजी है। इसके मुताबिक राजस्व रिकार्ड में ये संपत्ति अभी भी पुराने मालिक के कब्जे में है। केडी सिंह से जोड़ी जाने वाली अलकेमिस्ट कंपनी के साथ एक एग्रीमेंट जरूर हुआ है, मगर राजस्व रिकार्ड और मौके पर अभी तक कब्जा पुराने मालिक का ही है।
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हिमाचल सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं राज्यसभा सांसद केडी सिंह की कथित बेनामी संपत्तियों पर शिमला में जांच बैठा दी थी। यह जांच वित्त मंत्रालय और राज्यसभा सचिवालय से हिमाचल सरकार को मिले पत्रों को आधार बनाकर बैठाई गई। माकपा के लोकसभा सांसद एम. सलीम ने वित्त मंत्रालय और राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थल कुफरी में तृणमूल कांग्रेस के सांसद के नाम खरीदी बताई जा रही जमीन पर जांच की मांग की थी।
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उन्होंने आरोप लगाए थे कि केडी सिंह ने कथित तौर पर कुफरी में भी बेनामी जमीन खरीदी थी। लगभग डेढ़ हेक्टेयर भूमि पर जांच बैठाई गई। राज्य सरकार ने यह मामला जिला प्रशासन शिमला को छानबीन को भेजा। जिला प्रशासन शिमला ने मामले की पड़ताल कर इस भूमि को बेनामी मानने से इंकार कर दिया।
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सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन ने कहा है कि ये सही है कि इस भूमि को बेचने का एग्रीमेंट हुआ है। पर ये न तो अलकेमिस्ट कंपनी को ट्रांसफर हुई है और न ही इसके लिए भू सुधार अधिनियम धारा 118 के तहत ही कोई आवेदन हुआ है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट
किया कि हालांकि शिमला के रामपुरी और छराबड़ा में केडी सिंह से जुड़ी दो बेनामी संपत्तियों को पहले ही जब्त किया जा चुका है। जिला प्रशासन ने इसका सीधा जवाब वित्त मंत्रालय को भेजा है और इसकी एक प्रति हिमाचल सरकार को भी दी है। हालांकि, उपायुक्त शिमला रोहन ठाकुर ने खुद को पूरे मामले से अनजान बताया।