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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   More than 350 outsourced employees removed from Nerchowk Medical College, were posted during the Corona period

Mandi News: नेरचौक मेडिकल कॉलेज से निकाले 350 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी, कोरोना काल में हुई थी तैनाती

Sat, 01 Apr 2023 08:54 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Sat, 01 Apr 2023 08:54 PM IST
सार

मंडी जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक से कोरोना काल में रखे गए 350 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को खत्म कर दिया गया है। 

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More than 350 outsourced employees removed from Nerchowk Medical College, were posted during the Corona period
लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक से कोरोना काल में रखे गए 350 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को खत्म कर दिया गया है। 107 स्टाफ नर्स, 100 सफाई कर्मचारी, 100 से अधिक वार्ड ब्वॉय, लैब टेक्नीशियन व सिक्योरिटी ब्वॉय शनिवार सुबह जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से कर्मियों को बताया गया कि उनका अनुबंध सरकार से खत्म हो गया है और अब उनकी कोई जरूरत नहीं है। इसके चलते कर्मियों ने भारी रोष जताया। वहीं, कई महिला कर्मचारी इस दौरान रोते हुए बाहर आईं और गेट के बाहर एक-दूसरे को ढांढस बंधाती नजर आईं।

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महिला कर्मियों ने बताया कि जब कोरोना काल में पूरी दुनिया घरों में थी, उस समय उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में सेवाएं दीं। अब सरकार उन्हें बाहर का रास्ता दिखा रही है। कर्मचारियों ने बताया कि सरकार ने उन्हें अप्रैल 2021 से 33 महीनों का सेवा विस्तार दिया था लेकिन 31 मार्च को एक्सटेंशन खत्म हो जाने के चलते ठेकेदारों ने काम पर आने से मना कर दिया। इस बारे में लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर राजेश भवानी ने बताया कि 350 कर्मचारियों काअनुबंध खत्म होने के चलते उन्हें काम पर नहीं आने दिया गया है। मामला सरकार के ध्यानार्थ है।
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क्या बोले कर्मचारी
निकाले गए कर्मचाारियों में राजेंद्र, निहाल, विपन, जयदेव, धनदेव, धर्मवीर, रीना ,रीता, दीपिका, विजय, रेनू, हितेश मुकेश, सुशील, भास्कर, काकू, योगराज, नारायण, उमेश, ओम प्रकाश, अजय शर्मा, अनमोल, तिलक राज मधु, लता, अमरदीप, ललिता, सोमा, अनु, अश्वनी, गुलशन, गीता, लक्ष्मी, शकुंतला, वंदन, दुर्गा, लीना आदि ने बताया कि शनिवार को जब वह लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में रोजाना की तरह ड्यूटी पर पहुंचे तो उन्हें कह दिया गया कि अब उनकी जरूरत नहीं है। सरकार ने उनका अनुबंध खत्म कर दिया है। 350 परिवारों को रोजी-रोटी का संकट सताने लगा है।
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अस्पताल में रुक गए सभी काम, मरीज परेशान
350 कर्मचारियों के एकाएक बाहर निकालने के बाद शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में अफरातफरी का माहौल बन गया। इस दौरान पूरी सेवाएं अस्त-व्यस्त हो गईं। मरीजों को बहुत कठिनाइयां हुईं। वहीं, डॉक्टरों व अन्य अधिकारियों, कर्मचाारियों को काम नहीं होने से दिक्कते हुईं। पूरे अस्पताल की सफाई व्यवस्था ठप पड़ी रही।

नर्सें नहीं आने से डॉक्टरों और मरीजों को भी असुविधा हुई। 

काले अक्षरों में लिखा जाएगा सुक्खू सरकार का नाम
उधर, क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कर्मचारियों को निकालने पर बहुत दुख जताया और कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के 100 दिन काले अक्षरों में लिखे जाएंगे। सुखविंद्र सिंह सुक्खू कांग्रेस सरकार के 100 दिन पूरा होने पर कांग्रेस सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को घर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बल्ह में मेडिकल कॉलेज नेरचौक जरूरतमंद लोगों को करोना काल के समय में रोजगार प्रदान किया गया था और आज उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

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