पुल निर्माण में हुआ था इतना बड़ा घोटाला!
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लाहौल स्पीति में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। वजह, मंडी स्थित गुणवत्ता नियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता ने पुल के निर्माण कार्य में प्रयोग की गई सामग्री को जांच के बाद घटिया करार दिया था। लेकिन ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि आनन-फानन में मुख्यमंत्री के नाम की पट्टिका लगाकर पुल का उद्घाटन करना पड़ा?
गोलमाल का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पुल निर्माण का कार्य उस ठेकेदार को दिया गया, जिस पर नालडा पुल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेत कई कार्यों की गुणवत्ता सही न होने के कारण जुर्माना लगा था। हद तो तब हो गई, जब इस ठेकेदार के सभी जुर्माने माफ कर मूलिंग पुल के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दे दी गई।
यहीं नहीं, इससे पहले उदयपुर उपमंडल की तिंदी पंचायत स्थित सलग्रां के धार स्कूल भवन का नवंबर 2013 को उद्घाटन किया गया, जो मार्च 2014 में गिर गया।
दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी
उधर प्रदेश सरकार ने लाहौल में मूंलिग पुल गिरने की जांच के आदेश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग ने जांच का जिम्मा चीफ इंजीनियर मंडी को सौंपा है। दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। उधर अपनी खाल बचाने के लिए इंजीनियर पुल ढहने का कारण ग्लेशियर का गिरना बता रहे हैं। मुख्यालय में पहुंची प्रारंभिक रिपोर्ट कुछ इसी तरफ इशारा कर रही है।
लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने भी पुल गिरने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने विधानसभा में इस मामले को प्रमुखता से उठाने की बात कही है। विभाग के मुताबिक 68 मीटर लंबे पुल पर 7 टन वजन पास था। पांच महीने से इस पुल पर गाड़ियां दौड़ रही थीं। पुल के निर्माण पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। उक्त विधानसभा क्षेत्र के ही एक ठेकेदार ने इस पुल का निर्माण किया था।
सवाल के साथ लगाई ‘अमर उजाला’ की कटिंग
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी पुल गिरने का मामला गूंजेगा। क्षेत्रीय विधायक रवि ठाकुर ने ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेते हुए बुधवार को स्पीकर बीबीएल बुटेल को नोटिस दिया है। रवि ठाकुर ने कहा कि इस मामले में विभागीय स्तर पर घोर लापरवाही बरती की गई है। सवाल के साथ ‘अमर उजाला’ की कटिंग को भी रवि ठाकुर ने संलग्न किया है।
पुल का टूटना गंभीर मामला है। सुबह पुल टूटने की सूचना मिली है। लोक निर्माण विभाग मामले को गंभीरता से ले रहा है। जांच का जिम्मा चीफ इंजीनियर मंडी को सौंपा है। इंजीनियर को खुद मौके पर जाने के आदेश दिए हैं। -नरेश शर्मा, इंजीनियर इन चीफ, लोक निर्माण विभाग
भाजपा ने पहले ही किया था विरोध
इस ठेकेदार को काम देने का भाजपा ने पहले ही विरोध किया था। विधायक ने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए अधूरे कामों का ही उद्घाटन कर दिया। जब जांच में साफ हो गया था कि पुल के निर्माण में घटिया रेत-बजरी का प्रयोग किया गया है तो उद्घाटन का क्या औचित्य था। - डॉ. रामलाल मारकंडेय, पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री
मामले की जांच की जा रही है। विभाग को इस बारे में कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई है। जांच जारी है। - रवि ठाकुर, विधायक लाहौल स्पीति
गांव वालों ने की टूटे पुल की वीडियोग्राफी
लाहौल स्पीति जिला मुख्यालय केलांग से करीब 12 किलोमीटर दूर मूलिंग में चंद्रा नदी पर मात्र पांच माह पहले साढ़े चार करोड़ से बना पुल बड़े गोलमाल की पोल खोलता नजर आ रहा है। पुल गिरने के बाद पब्लिक को शक है कि सरकारी अमला अपनी खाल बचाने के लिए अब झूठी रिपोर्ट बना सकता है।
लिहाजा, लोगों ने सरकारी अमले के पहुंचने से पहले ही यहां वीडियोग्राफी कर ली। पीडब्ल्यूडी अफसर बता रहे हैं कि प्रारंभिक जानकारी में पुल टूटने की वजह ग्लेशियर गिरना है। लेकिन लोग कह रहे हैं कि पुल ग्लेश्यिर गिरने से नहीं बल्कि बर्फ के वजन को सहन न कर पाने की वजह से टूटा है।
बीस घंटे बाद भी डीसी बेखबर
हैरानी की बात है कि मूलिंग पुल गिरने के 20 घंटे बाद भी डीसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस बारे में उपायुक्त लाहौल स्पीति हंस राज चौहान से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उस ओर संचार सेवा ठप है। उन्हें सूचना मिलने में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग ने अपने अधिकारियों की टीम मौके पर भेजी है। नुकसान रिपोर्ट आते ही सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
उद्घाटन के करीब पांच महीने बाद ही पुल गिर जाने से ठेकेदारों और अफसरों में भी हड़कंप है। गौशाल पंचायत के पूर्व प्रधान चरन दास भट्ट ने पुल को लेकर आरटीआई से जानकारी मांगी थी, लेकिन गोलमोल जवाब देकर टाल दिया गया था। उधर, पुल गिरने से मूलिंग पंचायत के चार गांवों बरगूल, शिप्टिंग, गवाड़ी और मूलिंग के सैकड़ों लोगों का केलांग से संपर्क कट गया है।
लटका हुआ है पुल का एक हिस्सा
68 मीटर लंबे मूलिंग पुल के कई टुकड़े हो गए हैं। गांव की छोर से गिरे पुल के कई टुकड़े चंद्रा नदी में समा गए हैं। मुख्य सड़क की ओर पुल का कुछ हिस्सा लटका हुआ है। बुधवार को प्रशासन ने पुल ध्वस्त होने की जानकारी के बाद पीडब्ल्यूडी अफसरों को मौके पर भेजा है। कहीं पहले की तरह ही सरकारी तंत्र गोलमाल का रिकॉर्ड प्रस्तुत कर बीच बचाव न कर ले, इससे पहले ही ग्रामीणों ने अपने पक्ष के लिए गिरे हुए पुल की वीडियोग्राफी कर ली है।
मूलिंग पंचायत के उप प्रधान पाल सिंह ने बताया कि मूलिंग पुल को हिमखंड या किसी अन्य आपदा से नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने इस पुल की वीडियोग्राफी की है। मौके पर गए कारगा में तैनात लोनिवि मेकेनिकल डिवीजन के कनिष्ठ अभियंता राजेश ने बताया कि पुल गिरकर नदी में समा गया है। उन्होंने इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को दे दी है।