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हिमाचल की 91 तहसीलों में बंदरों को मारने की मजूंरी, मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
Fri, 29 May 2020 09:55 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 29 May 2020 09:55 AM IST
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फाइल फोटो
हिमाचल में पैदावार पर संकट बने रीसस मकाक प्रजाती के बंदरों को मारने की मंजूरी केंद्र सरकार ने दे दी है। केवल निजी भूमि में नुकसान करने पर ही बंदरों को मारा जा सकता है। सरकारी भूमि में बंदरों को नहीं मारा जा सकेगा। मंडी जिला की 10 तहसीलों समेत प्रदेश की 91 तहसीलों के किसानों-बागवानों को राहत मिली है। ये मंजूरी पहले भी थी, इसे एक साल के लिए बढ़ा दिया है। बंदर मारने के तुरंत बाद नजदीक के वन अधिकारी-कर्मचारी को इसकी जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। यह अनुमति एक वर्ष तक के लिए रहेगी। इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है।
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हिमाचल सरकार ने वनों से बाहर के क्षेत्रों में रीसस मकाक (मकाका मुलाटा) बंदरों की अत्यधिक संख्या के कारण बड़े पैमाने पर खेती के विनाश होने सहित जीवन व संपत्ति की हानि की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी थी। उसके आधार पर केंद्रीय मंत्रालय ने यह अधिसूचना जारी की है। डीएफओ मंडी एसएस कश्यप ने बताया कि हिमाचल में 91 तहसीलों में रसीस मकाक बंदरों को पीड़क जंतु घोषित किया गया है। इनमें मंडी जिला की 10 तहसीलें भी शामिल हैं। इनमें मंडी, चच्योट, थुनाग, करसोग, जोगिंद्रनगर, पधर, लड़भड़ोल, सरकाघाट, धर्मपुर और सुंदरनगर को शामिल किया गया है। इन 10 तहसीलों में निजी भूमि में नुकसान करने पर रीसस मकाक बंदरों को मारा जा सकता है। उसके तुरंत बाद इस बारे नजदीक के वन अधिकारी-कर्मचारी को जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। डीएफओ एसएस कश्यप ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि रसीस मकाक बंदरों को सरकारी व वन भूमि में मारने की अनुमति नहीं होगी।
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