{"_id":"6ae6f94ffa0e57041b0991c9","slug":"himanta-biswa-sarma-shimla-bjp-padyatra-november-1-2026-2026-11-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: शिमला में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर हमला, 2027 में भाजपा सरकार बनने का किया दावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: शिमला में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर हमला, 2027 में भाजपा सरकार बनने का किया दावा
Sun, 01 Nov 2026 02:03 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 01 Nov 2026 02:03 PM IST
सार
शिमला में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधा। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया। रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सहायता, ईवीएम और एसआईआर सहित कई मुद्दों पर उन्होंने कांग्रेस से सवाल किए।
विज्ञापन
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर के साथ असम के सीएम।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को शिमला में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान कांग्रेस और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। अपने संबोधन में उन्होंने ईवीएम, एसआईआर, रोजगार और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा। सरमा ने कहा कि शिमला में पदयात्रा के दौरान उमड़ा जनसमर्थन प्रदेश में राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से अभी से चुनाव की तैयारी में जुटने और कांग्रेस सरकार से उसके चुनावी वादों का हिसाब मांगने का आह्वान किया।
विज्ञापन
Trending Videos
ईवीएम से सत्ता में आई कांग्रेस, अब उसी पर सवाल क्यों?
हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के ईवीएम को लेकर विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने इसी चुनाव प्रणाली के माध्यम से जनादेश हासिल किया है, ऐसे में अब उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी चुनाव जीतने पर ईवीएम को स्वीकार करती है, जबकि हार मिलने पर निर्वाचन आयोग और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। सरमा ने राहुल गांधी से भी अपनी रायबरेली लोकसभा सीट से जीत के संदर्भ में चुनाव प्रणाली पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के ईवीएम को लेकर विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने इसी चुनाव प्रणाली के माध्यम से जनादेश हासिल किया है, ऐसे में अब उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी चुनाव जीतने पर ईवीएम को स्वीकार करती है, जबकि हार मिलने पर निर्वाचन आयोग और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। सरमा ने राहुल गांधी से भी अपनी रायबरेली लोकसभा सीट से जीत के संदर्भ में चुनाव प्रणाली पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसआईआर को लेकर कांग्रेस पर लगाए आरोप
असम के मुख्यमंत्री ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए मतदाता सूचियों का सही और अद्यतन होना जरूरी है। सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर लोगों में भ्रम पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि पात्र भारतीय नागरिकों का मतदान अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए, वहीं अपात्र नामों की पहचान और नियमानुसार कार्रवाई भी जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में सत्ता परिवर्तन का रास्ता जनता का वोट है।
असम के मुख्यमंत्री ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए मतदाता सूचियों का सही और अद्यतन होना जरूरी है। सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर लोगों में भ्रम पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि पात्र भारतीय नागरिकों का मतदान अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए, वहीं अपात्र नामों की पहचान और नियमानुसार कार्रवाई भी जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में सत्ता परिवर्तन का रास्ता जनता का वोट है।
1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया
अपने संबोधन में सरमा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की ऐतिहासिक जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की बात करने वाली कांग्रेस को अपने इतिहास से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
अपने संबोधन में सरमा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की ऐतिहासिक जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की बात करने वाली कांग्रेस को अपने इतिहास से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
रोजगार और महिलाओं की आर्थिक सहायता पर सुक्खू सरकार को घेरा
हिमंत बिस्वा सरमा ने हिमाचल और असम में रोजगार के मुद्दे पर तुलना करते हुए दावा किया कि असम में भाजपा सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, जबकि उनके अनुसार अब तक करीब 1.07 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार से युवाओं को रोजगार देने के वादों पर जवाब मांगा। सरमा ने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार के अवसरों का इंतजार कर रहे हैं।
हिमंत बिस्वा सरमा ने हिमाचल और असम में रोजगार के मुद्दे पर तुलना करते हुए दावा किया कि असम में भाजपा सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, जबकि उनके अनुसार अब तक करीब 1.07 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार से युवाओं को रोजगार देने के वादों पर जवाब मांगा। सरमा ने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार के अवसरों का इंतजार कर रहे हैं।
महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के मुद्दे पर भी उन्होंने सुक्खू सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि असम में करीब सात लाख महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि हिमाचल में कांग्रेस ने महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था। उन्होंने पूछा कि प्रदेश की कितनी महिलाओं को इस घोषणा के अनुरूप लाभ मिल रहा है।
मतपत्र से होने वाले चुनावों का भी किया जिक्र
सरमा ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी चुनावी हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपने राजनीतिक प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने जिला परिषद और विभिन्न राज्यों के विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मतपत्र से होने वाले चुनावों में भी भाजपा को सफलता मिली है। उनके अनुसार, चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को जनता के बीच अपने कामकाज का जवाब देना चाहिए।
सरमा ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी चुनावी हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपने राजनीतिक प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने जिला परिषद और विभिन्न राज्यों के विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मतपत्र से होने वाले चुनावों में भी भाजपा को सफलता मिली है। उनके अनुसार, चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को जनता के बीच अपने कामकाज का जवाब देना चाहिए।
राम मंदिर और सरदार पटेल का भी किया उल्लेख
अपने भाषण में असम के मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कांग्रेस पर राम मंदिर के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करने का आरोप लगाया। सरमा ने देश के पहले प्रधानमंत्री के चयन से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के संदर्भ में भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के माध्यम से सरदार पटेल के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
अपने भाषण में असम के मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कांग्रेस पर राम मंदिर के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करने का आरोप लगाया। सरमा ने देश के पहले प्रधानमंत्री के चयन से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के संदर्भ में भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के माध्यम से सरदार पटेल के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
2027 के चुनाव के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं से जुटने का आह्वान
सरमा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज और चुनावी वादों का मूल्यांकन कर रही है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर कांग्रेस सरकार से गारंटियों का हिसाब मांगने और जनता के मुद्दों को उठाने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार की विदाई तय है और 2027 में भाजपा सत्ता में आएगी। यह दावा उन्होंने पार्टी की चुनावी रणनीति और राजनीतिक अभियान के तहत किया।
सरमा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज और चुनावी वादों का मूल्यांकन कर रही है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर कांग्रेस सरकार से गारंटियों का हिसाब मांगने और जनता के मुद्दों को उठाने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार की विदाई तय है और 2027 में भाजपा सत्ता में आएगी। यह दावा उन्होंने पार्टी की चुनावी रणनीति और राजनीतिक अभियान के तहत किया।
पुराने बस स्टैंड से चौड़ा मैदान तक निकली पदयात्रा
भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा पुराने बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारा साहिब की पार्किंग से शुरू हुई। यहां से नेता और कार्यकर्ता विक्ट्री टनल तथा विधानसभा मार्ग से होते हुए चौड़ा मैदान पहुंचे। यहां जनसभा आयोजित की गई। पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार और प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इससे पहले भाजपा ने प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राएं आयोजित करने की घोषणा की थी। शिमला की पदयात्रा इसी अभियान का हिस्सा थी।
भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा पुराने बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारा साहिब की पार्किंग से शुरू हुई। यहां से नेता और कार्यकर्ता विक्ट्री टनल तथा विधानसभा मार्ग से होते हुए चौड़ा मैदान पहुंचे। यहां जनसभा आयोजित की गई। पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार और प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इससे पहले भाजपा ने प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राएं आयोजित करने की घोषणा की थी। शिमला की पदयात्रा इसी अभियान का हिस्सा थी।