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ओलेश्की में रूस-यूक्रेन के बीच संघर्षविराम खत्म: मेलानिया ट्रंप ने स्थायी शांति की जताई उम्मीद, और क्या कहा?
Mon, 02 Nov 2026 07:28 AM IST
देवेश त्रिपाठी
एएनआई, वॉशिंगटन
एएनआई, वॉशिंगटन
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 02 Nov 2026 07:28 AM IST
सार
रूस और यूक्रेन के बीच ओलेश्की में 27 अक्टूबर को शुरू हुआ पांच दिवसीय मानवीय संघर्षविराम एक नवंबर को समाप्त हो गया। अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने इसे सफल बताते हुए कहा कि इस दौरान करीब 800 लोगों को सुरक्षित निकाला गया और प्रभावित क्षेत्र में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई गई।
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अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ओलेश्की में हुए मानवीय संघर्षविराम के दौरान सहयोग के लिए दोनों देशों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पांच दिन के इस समझौते से प्रभावित क्षेत्र में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई गई और करीब 800 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मेलानिया ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि 27 अक्तूबर को शुरू हुआ संघर्षविराम तय कार्यक्रम के अनुसार एक नवंबर को समाप्त हो गया।
क्या समझौते के खत्म होने के बाद भी बनी रहेगी शांति?
मेलानिया ट्रंप ने लिखा, "संघर्षविराम समाप्त हो गया है। यह अभियान सफल रहा। इसके तहत क्षेत्र में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई गई और करीब 800 लोगों को वहां से निकालने में मदद मिली। अमेरिका की ओर से मैं ओलेश्की संघर्षविराम के दौरान नेतृत्व और सहयोग के लिए रूस और यूक्रेन की सराहना करती हूं। मुझे उम्मीद है कि ओलेश्की दोनों देशों के बीच स्थायी शांति की नींव बनेगा। संघर्षविराम 27 अक्तूबर 2026 को शुरू हुआ था और तय कार्यक्रम के अनुसार एक नवंबर 2026 को समाप्त हुआ।"
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इससे पहले दिन में मेलानिया ने इस मानवीय समझौते को ओलेश्की और आसपास के खेरसॉन क्षेत्र के लोगों के लिए जरूरी राहत पाने का अवसर बताया था। इसके तहत लोगों को भोजन, साफ पानी और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही उन्हें लगातार हमलों के खतरे के बिना सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका मिला।
मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता में हुआ था समझौता
यह स्थानीय स्तर का संघर्षविराम यूक्रेन के संसद आयुक्त दिमित्रो लुबिनेट्स और रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा के बीच बातचीत के बाद हुआ था। इसमें अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने मध्यस्थता की थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मध्यस्थता के प्रयासों के लिए मेलानिया का आभार जताया था। उन्होंने बताया था कि संघर्षविराम के दौरान ओलेश्की जाने वाली सड़कों से बारूदी सुरंगें हटाई गईं और वहां मानवीय सहायता पहुंचाई गई।
जेलेंस्की ने यह भी कहा था कि जिन लोगों को वहां से निकाले जाने की जरूरत थी, उन्हें शहर और आसपास के इलाकों से बाहर पहुंचाया गया। इसके बाद यूक्रेनी नागरिक चेर्निहाइव क्षेत्र के रास्ते यूक्रेन में दाखिल हुए।
क्या होगी पुतिन-जेलेंस्की के बीच बातचीत?
इस बीच, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जेलेंस्की से बातचीत करने से कभी इनकार नहीं किया है। समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, उशाकोव ने कहा, "मुझे लगता है कि वह निश्चित रूप से जवाब देंगे। पुतिन ने कभी बातचीत से इनकार नहीं किया।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर जेलेंस्की वास्तव में बातचीत करना चाहते हैं तो वह मॉस्को जा सकते हैं।
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मेलानिया ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि 27 अक्तूबर को शुरू हुआ संघर्षविराम तय कार्यक्रम के अनुसार एक नवंबर को समाप्त हो गया।
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क्या समझौते के खत्म होने के बाद भी बनी रहेगी शांति?
मेलानिया ट्रंप ने लिखा, "संघर्षविराम समाप्त हो गया है। यह अभियान सफल रहा। इसके तहत क्षेत्र में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई गई और करीब 800 लोगों को वहां से निकालने में मदद मिली। अमेरिका की ओर से मैं ओलेश्की संघर्षविराम के दौरान नेतृत्व और सहयोग के लिए रूस और यूक्रेन की सराहना करती हूं। मुझे उम्मीद है कि ओलेश्की दोनों देशों के बीच स्थायी शांति की नींव बनेगा। संघर्षविराम 27 अक्तूबर 2026 को शुरू हुआ था और तय कार्यक्रम के अनुसार एक नवंबर 2026 को समाप्त हुआ।"
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इससे पहले दिन में मेलानिया ने इस मानवीय समझौते को ओलेश्की और आसपास के खेरसॉन क्षेत्र के लोगों के लिए जरूरी राहत पाने का अवसर बताया था। इसके तहत लोगों को भोजन, साफ पानी और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही उन्हें लगातार हमलों के खतरे के बिना सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका मिला।
मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता में हुआ था समझौता
यह स्थानीय स्तर का संघर्षविराम यूक्रेन के संसद आयुक्त दिमित्रो लुबिनेट्स और रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा के बीच बातचीत के बाद हुआ था। इसमें अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने मध्यस्थता की थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मध्यस्थता के प्रयासों के लिए मेलानिया का आभार जताया था। उन्होंने बताया था कि संघर्षविराम के दौरान ओलेश्की जाने वाली सड़कों से बारूदी सुरंगें हटाई गईं और वहां मानवीय सहायता पहुंचाई गई।
जेलेंस्की ने यह भी कहा था कि जिन लोगों को वहां से निकाले जाने की जरूरत थी, उन्हें शहर और आसपास के इलाकों से बाहर पहुंचाया गया। इसके बाद यूक्रेनी नागरिक चेर्निहाइव क्षेत्र के रास्ते यूक्रेन में दाखिल हुए।
क्या होगी पुतिन-जेलेंस्की के बीच बातचीत?
इस बीच, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जेलेंस्की से बातचीत करने से कभी इनकार नहीं किया है। समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, उशाकोव ने कहा, "मुझे लगता है कि वह निश्चित रूप से जवाब देंगे। पुतिन ने कभी बातचीत से इनकार नहीं किया।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर जेलेंस्की वास्तव में बातचीत करना चाहते हैं तो वह मॉस्को जा सकते हैं।