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सेब सीजन में बागवानों से ठगी रोकेगा मॉनीटरिंग सेल

Sun, 18 Jul 2021 06:12 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 06:12 PM IST
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Monitoring cell will stop cheating from gardeners in apple season
शिमला। सेब सीजन के दौरान बागवानों से ठगी रोकने के लिए एपीएमसी ने पहली बार मॉनीटरिंग सेल गठित किया है। यह सेल शिमला और किन्नौर जिले की सभी मंडियों में आढ़तियों और खरीददारों पर नजर रखेगा। मंडियों का औचक निरीक्षण कर रिकॉर्ड की जांच करेगा। गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई होगी।
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एपीएमसी के चेयरमैन नरेश शर्मा ने बताया कि कोरोना संकट के चलते इस साल शिमला जिले के मेहंदली, चिड़गांव, पडियारा और किन्नौर के टापरी में सेटेलाइट मंडियों में सेब की खरीद होगी। बहुराष्ट्रीय कंपनी बिग बास्केट और अमेजन ने सेब की खरीद शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में सफल, नामधारी और मदर डेरी भी सेब खरीद शुरू कर देंगी। इन कंपनियों के आने से मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी जिसे बागवानों को अच्छे रेट मिलेंगे।
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नरेश शर्मा ने कहा कि एक माह में सभी मंडियां ऑनलाइन हो जाएंगी, जिसके बाद वेबसाइट और मंडियों के बाहर मार्केट रेट डिसप्ले होंगे। शोघी, नेरीपुल और कुड्डूू चैक पोस्ट पर बागवानों से अवैध वसूली करने वाले कर्मचारियों पर अब सीधे एफआईआर होगी।
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अधिक वसूली पर पेनल्टी, लाइसेंस भी होगा रद्द
आढ़ती अगर लोडिंग-अनलोडिंग के एवज में बागवानों से निर्धारित से अधिक वसूली करते हैं तो पेनल्टी लगेगी और लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा। एक अगस्त से ठियोग की पराला और शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में बागवानों को 90 रुपये में सिंगल यूज क्रेट उपलब्ध करवाई जाएगी। बागवान को 45 रुपये देने होंगे, आधे पैसे खरीददार से वसूले जाएंगे। मंडियों में 6 करोड़ की लागत से पैकिंग हाउस तैयार किए जाएंगे। पराला मंडी में 60 करोड़ से कोल्ड स्टोर, मेहंदली में 20 करोड़ से नई मंडी, पराला में साढ़े 8 करोड़ से नया मार्केट यार्ड, शिलारू में 20 करोड़ से नई मंडी और फागू के पास थरमटी में 10 करोड़ की लागत से नई मंडी के निर्माण को मंजूरी देेने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया।
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एमआईएस पर बागवानों को गुमराह न करें राठौर
एपीएमसी चेयरमैन नरेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर एमआईएस में सेब खरीद की दरों पर बागवानों को गुमराह कर रहे हैं। शायद उन्हें जानकारी नहीं है कि भाजपा ने बीते 3 साल में एमआईएस में 2.50 रुपये की बढ़ोतरी की है, जबकि पूर्व कांग्रेस सरकार ने पांच साल में महज 50 पैसे ही दाम बढ़ाए थे। 2013 में कांग्रेस सरकार के समय एमआईएस का रेट 6.50 रुपये था, 2014 से 2016 तीन साल दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की। चुनावी साल के चलते 2017 में 50 पैसे की बढ़ोतरी कर 7 रुपये तय किया गया। भाजपा सरकार ने 2018 में एमआईएस का रेट 7 से बढ़ा कर 7.50, 2019 में 7.50 से 8, 2020 में 8 से 8.50 और 2021 में 8.50 से सीधे एक रुपये बढ़ा कर दाम 9.50 रुपये प्रति किलो निर्धारित कर दिया है। पहली बार एमआईएस का रेट एक रुपये प्रतिकिलो बढ़ाया गया है।

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एसआईटी गठित कर बागवानों को लौटाए 18 करोड़
नरेश शर्मा ने दावा किया कि उनकी पहल पर ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बागवानों से होने वाली ठगी को रोकने के लिए एसआईटी गठित करने का फैसला लिया था। 2018 से पहले बागवानों से ठगी की शिकायतें पुलिस चौकियों को भेजी जाती थी, जहां शिकायतें पेंडिंग रह जाती थीं। 2019 में मुख्यमंत्री से इसे रोकने के लिए एसआईटी गठित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को बुला कर एसआईटी बनाने के आदेश दिए। एसआईटी के पास करीब 35 करोड़ की ठगी की शिकायतें आ चुकी हैं जिनमें से एसआईटी ने 15 करोड़ और एपीएमसी ने अपने स्तर पर 3 करोड़ रुपये की रिकवरी करवाई है।
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