विधायक प्राथमिकता बैठक: बजट बंटवारे में भेदभाव के आरोप पर जयराम का कांग्रेस पर निशाना
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि बैठक में सड़क, पानी और भवनों की प्राथमिकताएं मांगी जाती हैं। विधायकों के प्रमुख मुद्दे क्या हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। अगर सत्ता पक्ष के विधायकों को दो सड़कें प्राथमिकता की मिलती हैं तो विपक्ष के विधायकों को भी दो ही मिलती हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बजट बंटवारे में भेदभाव के आरोप पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस विधायकों पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक प्राथमिकता बैठक में तय प्रारूप पर ब्योरा मांगा जाता है। वे इंगित करते हैं कि उनकी प्राथमिकता क्या है। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में सड़क, पानी और भवनों की प्राथमिकताएं मांगी जाती हैं। विधायकों के प्रमुख मुद्दे क्या हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। अगर सत्ता पक्ष के विधायकों को दो सड़कें प्राथमिकता की मिलती हैं तो विपक्ष के विधायकों को भी दो ही मिलती हैं। यह कहना बिलकुल सही नहीं है कि उनके क्षेत्रों को बजट नहीं मिल रहा है।
कहा कि वह खुद 25 साल से योजना विभाग की विधायक प्राथमिकता बैठक में शामिल होते आए हैं। विधायक अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाते हैं। सभी बातें होती हैं, पर सबका समाधान संभव नहीं भी होता है। जितना पैसा कांग्रेस सरकार ने सत्ता में रहते खर्च किया था, उससे दोगुना वर्तमान सरकार कोविड के बीच खर्च कर चुकी है। अंदर कांग्रेस का एक-एक विधायक यह कहकर गया है कि उनकी सड़कें बन गई हैं। उनको विपक्ष की रस्म को अदा करना होगा तो इसे करने दिया जाए। विधायक 40 से 45 मिनट तक बोल रहे हैं। उन्हें रोकना पड़ रहा है, काम नहीं हुआ होता तो वे दो मिनट में मामला खत्म कर देते हैं। चुनावी वर्ष में हर बात का विरोध करना सही नहीं है।