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डीडीयू में मनमानी, गार्ड ने बाहर फेंक दीं मरीजों की पर्चियां
सुमित ठाकुर /अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:02 PM IST
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डीडीयू अस्पताल में मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। यहां सिक्योरिटी गार्ड के अभद्र व्यवहार से मरीज परेशान हो रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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दिन : सोमवार, समय : दोपहर के 12 बजे। जगह : डीडीयू अस्पताल। आर्थो ओपीडी के बाहर सुबह से खड़े मरीजों के सब्र का बांध टूटने लगा था। मरीज अपनी बारी के लिए काफी देर से इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनका नंबर नहीं आ रहा था। तीमारदारों का कहना था कि उनके बाद आने वालों का पहले नंबर आ गया। ओपीडी में बैठे डाक्टर मुस्तैदी से उन मरीजों की जांच कर रहे थे जो पर्चियां उनके पास आ रही थीं।
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डॉक्टर इस बात से बेखबर थे कि बाहर कुछ मरीजों का सब्र का बांध टूट रहा है। हद तब हो गई जब कुछ मरीजों को भीतर पर्ची देने के पांच मिनट बाद ही बुला लिया गया। इस पर सुबह से बैठे मरीजों के तीमारदार ने एतराज जताया और सिक्योरिटी गार्ड से कहा कि हमने भी सुबह से पर्ची दे रखी है, देखो तो सही कब तक हमारे मरीज का नंबर आएगा। इतना कहने पर सिक्योरिटी गार्ड भड़क उठा।
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उसने सभी पर्चियों को उठाकर ओपीडी से बाहर फेंक दिया। सिक्योरिटी गार्ड का यह व्यवहार देखकर सभी दंग रह गए। मरीज फर्श पर पड़ी पर्चियों में अपनी पर्ची ढूंढते नजर आए। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग लोगों को पेश आई। सभी मरीज धूप में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। वहीं ओपीडी में सिक्योरिटी गार्ड के दुर्व्यवहार के बाद मरीज अस्पताल की कार्यप्रणाली को भी कोसते नजर आए।
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वहीं कुछ मरीज गार्ड के व्यवहार से इतने आहत हुए कि वह वहां से पर्चियां उठाकर लौट गए। अस्पताल में सोमवार का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए अस्पताल आए थे। आर्थो ओपीडी में सुबह से मरीजों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। दोपहर बारह बजे तक केवल 25 लोगों का ही नंबर आ पाया था।
मरीजों और तीमारदारों का आरोप था कि बाद में आने वाले लोगों का नंबर पहले लग रहा है। इस दौरान कुछ मरीज तो अपने एक्सरे दिखाने के लिए लाइनों में खड़े थे। हालांकि बाद में मरीजों के बढ़तेे गुस्से को देखते हुए सिक्योरिटी गार्ड ने मरीजों से पर्चियां जमा कीं और ओपीडी में रख दीं।
ऐसे सिक्योरिटी गार्डों की न लगे ड्यूटी
चेतन चौहान, रिंकी शर्मा, अरुण ठाकुर और रेखा ने कहा कि गार्ड के ऐसे रवैये से वह काफी हैरान हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसी जगह पर इस तरह का सिक्योरिटी गार्ड न लगाया जाए और मरीजों की बारी समय पर आए।
अस्पताल में नहीं हुए एक्सरे
जोनल अस्पताल डीडीयू में सोमवार को मरीजों के एक्सरे नहीं हुए। अस्पताल में बड़ी संख्या में बाजू, टांग, छाती के टेस्ट के लिए मरीज आए थे। लेकिन मरीजों को बिना एक्सरे करवाए जाना पड़ा। कुछ मरीज एक्सरे रूम के बाहर इंतजार करते रहे।
ओपीडी के बाहर मरीजों की पर्ची फेंकने का मामला उनके ध्यान में नहीं है। वह सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ करेंगी। मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार न हो, इसके लिए वह सिक्योरिटी गार्ड को चेतावनी देगी।- डा. रंजना राव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला शिमला