Shimla News: विक्रमादित्य बोले- शिमला-सोलन राष्ट्रीय राज्यमार्ग के बीच भूस्खलन स्थलों की पहचान करें अधिकारी
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को निर्माण भवन शिमला में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को शिमला-सोलन राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर भूस्खलन स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं।
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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अधिकारियों को शिमला-सोलन राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर भूस्खलन स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिमला से कांगड़ा व मंडी सहित छह जिलों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंडल के समीप स्थायी पुल के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और पीएमजीएसवाई के तहत जारी विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समयावधि में पूरा करने को कहा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह निर्देश सोमवार को निर्माण भवन शिमला में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इस बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों, नाबार्ड, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सीआरएफ हिमाचल प्रदेश सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम सीमित इत्यादि के तहत अंतर्गत जारी विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि किसी भी परियोजना की डीपीआर तैयार करने के साथ ही एफ सीए सहित अन्य औपचारिकताएं पूर्ण करने को कहा है। इससे परियोजना कार्यों को गति मिलेगी। भूमि की उपलब्धता सहित एफसीए के मामलों में स्थानीय जन प्रतिनिधि के साथ समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिमला-सोलन राष्ट्रीय राज्यमार्ग हिमाचल प्रदेश का गेटवे है और सैलानियों के लिए यहां आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाना विभाग और सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विभाग के विद्युत विंग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्मित किए जाने वाले भवनों में सौर ऊर्जा संचालित विद्युत आपूर्ति का अधिक उपयोग करने को कहा।
बर्फबारी के दौरान बंद न हो सड़कें
प्रदेश में बर्फबारी प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत करीब 7,500 किलोमीटर लंबी सड़कें हैं। उन्होंने कहा कि इन सड़कों पर बर्फ हटाने के लिए समुचित प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रों से अतिरिक्त मशीनरियां उपलब्ध करवाई गई हैं। विभाग को किराए पर मशीनरी लेने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
सड़कों के निर्माण, उचित रखरखाव व मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने मेरी सड़क, ई-समाधान और सीपी ग्राम इत्यादि ऐप के माध्यम से आमजन इस बारे में शिकायतें भी भेज सकते हैं।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश
उन्होंने चिन्हित ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने के साथ ही अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों पर मरम्मत और क्रैश बैरियर लगाने पर बल दिया ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रमुख अभियंता अजय गुप्ता ने बैठक की कार्रवाई का संचालन किया। बैठक में शिमला शहर के विकास तथा सड़क सुरक्षा विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने ढली डबल लेन टनल की खुदाई का कार्य निर्धारित समय में पूरा करने पर अधिकारियों को बधाई दी।
सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्युदर प्रति लाख 14.2 फीसदी
हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर प्रति लाख व्यक्ति (14.2) राष्ट्रीय औसतन दर 11.6 फीसदी से ऊपर है। अन्य राज्य की तुलना में वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश 10वें स्थान पर है।